श्री केदारेश्वर देव भूमि के, अग्रदेव कहलाते हैं।
राह कठिन दुर्गम तय कर के, भक्त यहाँ पर आते हैं।
दिव्य रूप के दर्शन पाकर, नतमस्तक जन-जन होता,
पावन धाम पहुँच कर सारे, बस शिव के हो जाते हैं।
हिम पर्वत के उच्च भाग में, महादेव जी बसते हैं।
तन्मय होकर सभी भक्तगण, आकर दर्शन करते हैं।
कठिन राह पर बढ़ते जाते, श्रद्धा तन में शक्ति भरे,
दर्शन पा केदारनाथ के, भजन हृदय से भजते हैं।
-कर्नल प्रवीण शंकर त्रिपाठी, नोएडा, उत्तर प्रदेश
