श्रावण माह में शिवार्चन (11) – (श्री भीमाशंकर जी, महाराष्ट्र) – कर्नल प्रवीण त्रिपाठी

सह्याद्रि गिरि के उच्च भाग में, ज्योतिर्लिंग भीमाशंकर।

कुम्भकर्ण के पुत्र भीम से, युद्ध हुआ था प्रलयंकर।

ब्रह्मा जी से वर मिलने पर, अति अभिमान भरा मन में,

भक्तों की रक्षा करने को, प्रकट हुए गौरीशंकर।

 

मातु कमलजा के चरणों से, बहती है निर्मल धारा।

भीम नदी के पास बना है, भीमाशंकर अति न्यारा।

वृहद रूप के कारण मंदिर, श्री मोटेश्वर कहलाये,

श्रावण में दर्शन कर  के निज, पाप मिटाता जग सारा।

-कर्नल प्रवीण त्रिपाठी, नोएडा, उत्तर प्रदेश

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *