अंजनी के पुत्र आप, दूर करें कष्ट ताप.
बल बुद्धि है असीम बड़े गुणवान हैं।
सर्वश्रेष्ठ राम भक्त, व्यर्थ नहीं करें वक्त,
रघुवर के कार्य को करते प्रयाण हैं।
बड़े-बड़े कार्य किये जानकी को खोज लिये,
हृदय में किंचित भी नहीं अभिमान है।
चित्त से हैं बड़े धीर, बजरंगी महावीर,
भक्ति से भरे भक्तों का रखते वो मान हैं।
– कर्नल प्रवीण त्रिपाठी, नोएडा, उत्तर प्रदेश
