मेरे सपने – सुनील गुप्ता

( 1 ) चलूँ सजाए

नववर्ष के सपने,

हैं मेरे मन में हज़ार सपने !!

( 2 ) करूँ विचार

चलूँ उनके अनुसार,

तो, होंगे सपने सभी साकार !!

( 3 ) रखूँ धीरज

करूँ प्रभु पे विश्वास,

कभी न छोड़ूँ मन की आस !!

( 4 ) करूँ कर्म

छोड़ूँ न निज स्वधर्म,

है मुझको स्वयं पर विश्वास परम !!

( 5 ) देखूँ सपने

जाग्रत अवस्था में अपने,

होते चलेंगे पूर्ण सभी शनै: शनै: !!

– सुनील गुप्ता, जयपुर, राजस्थान

 

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