( 1 )कोई
बुरा न मानें, होली है…,
हमने अपनों संग खेली होली है !!
( 2 ) चोरी
नहीं ये सीनाजोरी है…,
भरी पिचकारी रंगों की डाली है !!
( 3 ) थारी
न राय ये म्हारी है…,
तुम पर वारी दुनिया सारी है !!
( 4 ) छायी
शुभानन पे लाली है…,
अबीर ग़ुलाल की महक न्यारी है !!
( 5 ) छोड़ो
बचकानी बच्चों की हरकतें..,
खेलो जी भरके होली खूब चहकते !!
सुनील गुप्ता ,जयपुररा,जस्थान |
