नगमे गाओ साल-ए-नौ के।
खौफ़ मिटाओ साल-ए-नौ के।
जाएगा अब साल पुराना
जश्न मनाओ साल-ए-नौ के।
लड्डू बाँटे प्यार से यारों
दिल से खिलाओ साल-ए-नौ के
मंजिल पाओ हर हालत में
राह बनाओ साल-ए-नौ के।
भूलो कमियां अपनी सारी
जोश दिखाओ साल-ए-नौ के।
यारो खुशियां बाँटो मिलकर।
दीप जलाओ साल -ए-नौ के
प्रदूषण ने जग को अब है घेरा
पेड़ लगाओ साल-ए-नौ के
दूर करो नफरत को *रीता
प्रेम जलाओ साल -ए-नौ के
-रीता गुलाटी ऋतंभरा, चण्डीगढ़
