सिर्फ एक राजनेता नहीं, बल्कि झारखंड के जनांदोलन के प्रतीक थे शिबू सोरेन – सुधीर पाल

vivratidarpan.com –  1855 में जब सिदो-कान्हू, चांद-भैरव, और फुलो-झानो ने ‘दामिन-ए-कोह’ की धरती पर अंग्रेज़ी राज, महाजनों और जमींदारों के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंका, तो वह सिर्फ हथियारबंद विद्रोह…

अभिव्यक्ति के नाम पर नकारात्मक राजनीति – डॉ. सुधाकर आशावादी

vivratidarpan.com – सच्चे लोकतंत्र की पहचान यही है कि जनसाधारण को अपनी बात कहने का अधिकार है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर कुछ लोगों की आदत हो गयी है कि…

कितना लाएगा रंग, ठाकरे बंधुओं का संग – मुकेश “कबीर”

  Vivratidarpan.com- मुंबई में हुई ठाकरे बंधुओं की सभा की चर्चा पूरे देश में है, भावनात्मक तौर पर यह सभा भले ही सफल रही हो लेकिन राजनीतिक नजरिए से यह…

जल की बूंद-बूंद पर संकट: नीतियों के बावजूद क्यों प्यासी है भारत की धरती? – डॉ. सत्यवान सौरभ

  Vivratidarpan.com – भारत दुनिया की 18% आबादी और मात्र 4% ताजे जल संसाधनों के साथ गंभीर जल संकट का सामना कर रहा है। भूजल का अत्यधिक दोहन, प्रदूषण, असंतुलित…

नया लोकतंत्र? (संपादकीय स्थान रिक्त है) -प्रियंका सौरभ

  Vivratidarpan.com  – “जब कलम चुप हो जाए: लोकतंत्र का शोकगीत”   आपातकाल के दौरान अख़बारों ने विरोध में अपना संपादकीय कॉलम ख़ाली छोड़ा था। आज औपचारिक सेंसरशिप नहीं है, लेकिन…

आपातकाल: भारतीय लोकतंत्र के इतिहास की सबसे दुखद और शर्मनाक घटना – विष्णुदत्त शर्मा

  Vivratidarpan.com – “कांग्रेस का लोकतंत्र में विश्वास तब तक है जब तक वह सत्ता में है। जब वह सत्ता से बाहर होती दिखाई देती है, वह संविधान और लोकतंत्र…

सत्ता बचाने की हताशा में लिया गया राष्ट्र विरोधी निर्णय था आपातकाल – हितानंद शर्मा

  Vivratidarpan.com – आंतरिक अशांति का बहाना बनाकर 25 जून 1975 की आधी रात को देश पर थोपे गए ‘आपातकाल’ को 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं। भारत की जनता…

क्या फिर से उठेगी अलग ब्रज प्रदेश की मांग ? – वेणुगोपाल शर्मा

  vivratidarpan.com – बांके बिहारी कॉरिडोर को लेकर ब्रजवासियों का  विरोध बढ़ता जा रहा है। बृजवासियों का आरोप है कि वर्तमान सरकार बांके बिहारी कॉरिडोर के नाम पर यहां की…

जाति आधारित जनगणना से बदल सकती है आरक्षण नीति – संदीप सृजन

vivratidarpan.com – भारत में जाति आधारित जनगणना का मुद्दा लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक बहस का केंद्र रहा है। 1931 के बाद, भारत में व्यापक जाति जनगणना नहीं हुई…

बिहार की राजनीति में बवाल बनती तेज प्रताप की प्रेम कहानी – मनोज कुमार         

  Vivratidarpan.com – बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालूप्रसाद यादव के ज्येष्ठ पुत्र और बिहार विधानसभा के सदस्य तेज प्रताप यादव द्वारा सोशल मीडिया पर अपनी रिलेशनशिप के ऐलान और प्रेमिका…