vivratidarpan.com – कहा तो यह जाता है कि राजनीति में गाली-गलौच के लिए कोई स्थान नहीं होता क्योंकि इसके माध्यम से लोकतन्त्र में आम जनता अपने अधिकारों के लिए लड़ती…
vivratidarpan.com -1954 में एक पिक्चर आयी थी -आर-पार । उसमें मजरुह सुल्तानपुरी का लिखा एक गीत गीता दत्त ने गाया था। “बाबूजी धीरे चलना, प्यार में ज़रा संभलना हाँ बड़े…
vivratidarpan.com – मध्य प्रदेश की राजनीति और प्रशासन में बीते दिनों एक ऐसा घटनाक्रम हुआ जिसने पूरे राज्य का ध्यान खींचा। भोपाल के एक महत्वपूर्ण इलाके में दशकों से खड़ा…
vivratidarpan,com – बिहार में सम्पूर्ण विपक्ष वोट चोरी के सवाल पर पूरी मजबूती से एकजुट है। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की वोटर अधिकार यात्रा में अप्रत्याशित एवं ऐतिहासिक भीड़…
vivratidarpan.com – पूरे देश में आवारा कुत्तों के उत्पात मचाने, इंसानों को काटने की शिकायतों की भरमार हो गई है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों पर लगातार हो…
vivratidarpan.com – आज सुबह सुबह बेधड़क भोपाली घर आ गए,फाटक खोले बिना ही भीतर घुसने लगे तो हमने टोका कि चच्चा घर में घुसने का नियम भूल गए क्या ,पहले बजाओ…
Vivratidarpan.com – समाज में स्वयं को विश्वसनीय सिद्ध करने के लिए निश्चित मूल्यों का निरंतर अनुपालन अपेक्षित होता है, जिसके लिए गंभीरता से ईमानदारी, सदाचरण, सत्य-निष्ठा, सकारात्मक सोच, राष्ट्र के…
vivratidarpan.com – 1855 में जब सिदो-कान्हू, चांद-भैरव, और फुलो-झानो ने ‘दामिन-ए-कोह’ की धरती पर अंग्रेज़ी राज, महाजनों और जमींदारों के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंका, तो वह सिर्फ हथियारबंद विद्रोह…
vivratidarpan.com – सच्चे लोकतंत्र की पहचान यही है कि जनसाधारण को अपनी बात कहने का अधिकार है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर कुछ लोगों की आदत हो गयी है कि…