वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत के लिए चुनौतियाँ और अवसर – प्रवीण कक्कड़

vivratidarpan.com – दुनिया का इतिहास गवाह है कि हर बड़ा संकट केवल भय और अस्थिरता ही नहीं लाता, बल्कि अपने साथ संभावनाओं के नए द्वार भी खोलता है। आज पश्चिम एशिया…

अफवाहों पर नहीं संयम, सहयोग और सहभागिता पर भरोसा जरूरी – डॉ. राघवेंद्र शर्मा 

vivratidarpan.com – वर्तमान समय में विश्व एक अत्यंत संवेदनशील दौर से गुजर रहा है, जहाँ युद्ध की विभीषिकाएं और वैश्विक अस्थिरता मानवीय संवेदनाओं के साथ-साथ आर्थिक तंत्र को भी झकझोर रही…

कहने में कम, करने में आगे: रणबीर सिंह गंगवा – डॉ. प्रियंका सौरभ

vivratidarpan.com – रणबीर सिंह गंगवा हरियाणा की राजनीति में एक ऐसे नेता हैं, जिनकी पहचान शोर से नहीं, काम से बनी है। गांव की मिट्टी से उठकर उन्होंने जनसेवा को…

इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी के नये युग में प्रवेश करता मध्यप्रदेश – पवन वर्मा

vivratidarpan.com  मध्यप्रदेश – मध्यप्रदेश की राजनीति लंबे समय से “केंद्र से क्या मिला” के सवाल में उलझी रही है, लेकिन बजट 2026-27 ने बहस की दिशा ही बदल दी है।…

यूरोपीय संघ:विश्व राजनीति में एक शांत और प्रभावशाली संघ – विवेक रंजन श्रीवास्तव 

vivratidarpan.com – भारत के साथ ट्रेड डील से इन दिनों ई यू यानि यूरोपीय संघ चर्चा में है। यूरोपीय संघ केवल देशों का समूह नहीं है, वह इतिहास की प्रयोगशाला…

यूरोपीय संघ:विश्व राजनीति में एक शांत और प्रभावशाली संघ – विवेक रंजन श्रीवास्तव

vivratidarpan.com- भारत के साथ ट्रेड डील से इन दिनों ई यू यानि यूरोपीय संघ चर्चा में है। यूरोपीय संघ केवल देशों का समूह नहीं है, वह इतिहास की प्रयोगशाला है…

राजनीतिक शुचिता और कानून का सदुपयोग – डॉ. सुधाकर आशावादी

vivratidarpan.com- सत्ता अगर चाहे तो क्या कुछ नहीं कर सकती, वह चाहे तो भू माफियाओं के साम्राज्य को चंद मिनटों में ध्वस्त कर सकती है। भ्रष्टाचारी कार्यपालिका के भ्रष्ट अधिकारियों…

दिग्विजय सिंह का बंगलादेश की हिंसा को ‘रिएक्शन’ कहकर समझाना अस्वीकार्य – पवन वर्मा

vivratidarpan.com – बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों पर हो रहे हमले केवल एक पड़ोसी देश की आंतरिक समस्या नहीं हैं, बल्कि यह एक गंभीर मानवीय संकट और सभ्य समाज…

‘नबीन’ भाजपा : सत्ता से आगे संगठन की राजनीति – पवन वर्मा

vivratidarpan.com – भारतीय राजनीति में नेतृत्व परिवर्तन अक्सर सत्ता-समीकरण, जातीय संतुलन या वंशानुगत दावों के इर्द-गिर्द घूमता रहा है। ऐसे दौर में भारतीय जनता पार्टी द्वारा मात्र 45 वर्ष की…

मुख्यमंत्री मोहन यादव के दो साल (सत्ता के नायक से जननायक तक) – पवन वर्मा

vivratidarpan.com मध्यप्रदेश  –  मध्यप्रदेश की राजनीति ने पिछले दो वर्षों में जिस स्थिरता, स्पष्टता और नेतृत्व की परिपक्वता को महसूस किया है, उसकी पृष्ठभूमि केवल राजनीतिक घटनाक्रम नहीं, बल्कि नेतृत्व…