श्री फतह नारायण राजकीय मध्य विद्यालय सिमरा में स्वतंत्रता दिवस विशेष आयोजन संपन्न

vivratidarpan.com – मुजफ्फरपुर/बिहार- बिहार राज्य के मुजफ्फरपुर जिले में अवस्थित श्री फतह नारायण राजकीय मध्य विद्यालय पुनीत पावन विद्यालयों में एक माना जाता है, क्योंकि इस विद्यालय से निकलकर छात्र/छात्राओं ने…

स्वतंत्र भारत में स्वच्छंदता नहीं स्वाधीनता की आवश्यकता – संदीप सृजन

vivratidarpan.com – “हम भारतीय लोगों की स्वतंत्रता स्वच्छंदता में नहीं बदले,बल्कि स्वाधीनता में रुपांतरित हो।” यह वाक्य भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के मूल सिद्धांतों को प्रतिबिंबित करता है। यह महात्मा गांधी…

आत्म परीक्षण द्वारा आत्म शिक्षण का दिवस : स्वतंत्रता दिवस – सुषमा जैन

vivratidarpan.com – नैतिकता, चारित्रिक उत्थान एवं आध्यात्म की युगयुगान्तकालीन परम्परा में दरार डालने वाली बाहरी एवं भीतरी शक्तियों से जूझता भारत आज महत्वपूर्ण निर्णय के द्वार पर खड़ा गहन चिन्ता…

पूर्णिमा सुमन को मिला ‘विश्व भूषण सम्मान’

vivratidarpan.com – लखनऊ (सुधीर श्रीवास्तव)  -झारखंड की सुप्रसिद्ध कवियित्री व लेखिका पूर्णिमा सुमन जी को लखनऊ में निहारिका साहित्य मंच कन्ट्री ऑफ इंडिया फाउंडेशन ट्रस्ट के द्वारा ” विश्व भूषण…

“मकस कहानिका” का काठमांडू में अंतर्राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का हुआ आयोजन

  vivratidarpan.com – काठमांडू (नेपाल)- अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हिंदी साहित्य के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से “कहानिका” हिंदी पत्रिका के तत्वावधान में काठमांडू, (नेपाल) में संस्था का पहला अंतर्राष्ट्रीय कवि सम्मेलन…

शिमला: प्रकृति के चितेरे की मनमोहक तस्वीर – संजीव शर्मा

vivratidarpan.com – शाम का वक्त है, क्वीन ऑफ हिल्स शिमला में दिन भर के बाद थका मांदा सूरज पहाड़ों की चोटियों के पीछे छिपकर आराम करने को बेताब है और यही…

देश को अराजकता की ओर धकेलने का षड्यंत्र (दृष्टिकोण) – डॉ. सुधाकर आशावादी

  vivratidarpan.com – आदिकाल से नकारात्मक शक्तियाँ विकसित राष्ट्रों को पीछे धकेलने हेतु षड्यंत्र रचती रही हैं तथा उन राष्ट्रों को कमजोर करने का सपना देखने वाले तत्वों को अपने…

बेटियाँ क्यों छोड़ रही हैं स्कूल? — प्रियंका सौरभ

  Vivratidarpan.com – बेटियाँ क्यों छोड़ रही हैं स्कूल? सवाल सड़कों, शौचालयों और सोच का है, 39% लड़कियाँ स्कूल से बाहर: किसकी जिम्मेदारी?  ‘बेटी पढ़ाओ’ का सच: किताबों से पहले…

अदालतों में न्याय-प्रतीक्षा में साढ़े चार करोड़ लोग – मनोज कुमार अग्रवाल

vivratidarpan.com – अपने देश में आम आदमी को न्याय मिलना काफी दुष्कर हो गया है। समय पर न्याय, न्याय व्यवस्था में जनता के विश्वास की आधारशिला है, जैसा कि इस…

शक्ति दंभ और सनकी राजा (व्यंग्य) – सुधाकर आशावादी

  vivratidarpan.com – संसार में अनेक ऐसे सनकी राजा हुए हैं, जिन्होंने मनमाने निर्णय लेकर प्रजा को खूब तंग किया है। किसी ने अपनी सनक में चमड़े के सिक्के चलाकर…