सुशिक्षित और स्वस्थ समाज का संदेश दे रही हैं सुनील सरला की कठपुतलियां – कुमार कृष्णन

vivratidarpan.com – कभी मनोरंजन का सशक्त माध्यम रहीं कठपुतलियां जागरूकता का काम भी कर रही हैं। कठपुतलियों के जरिए सामाजिक मुद्दों को रोचक तरीके से भी उठाया जा रहा। वहीं,…

धामी बने ‘धुरंधर’, उत्तराखंड विकास की राह पर अग्रसर: राजनाथ सिंह

उत्तराखंड सरकार के “चार साल बेमिसाल” कार्यक्रम के तहत हल्द्वानी स्थित एमबी इंटर कॉलेज में आयोजित भव्य जनसभा में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर…

गौरैया की पुकार – राजलक्ष्मी श्रीवास्तव

छोटी सी चिड़िया, प्यारी सी गौरैया, आँगन में गूंजे उसकी मधुर मुरैया। फुदक-फुदक कर दाने चुनती, हर पल अपनी दुनिया बुनती। कभी छज्जे पर, कभी पेड़ की डाली, उसकी चहक…

हँसी जो उम्मीद बन गई – अमित कुमार

सोशल मीडिया की हर रील में एक हँसी गूंजती है — खिलखिलाती, सच्ची, जैसे सूखी धरती पर पहली बारिश। वह हँसी अरुण की है… तेलंगाना की धूप में तपे एक…

हिंद नव वर्ष – बसंत श्रीवास

महक उठे धरा पर खुशबू , और खुशियों की बरसात हो । चैत मास के पावन महीना, नव वर्ष की शुरूआत हो।।   सत्य सनातन हो तन-मन में, तो दुश्मन…

साहित्यकार और शिक्षिका भारती मिश्रा को डॉक्टरेट (पीएचडी) की उपाधि प्रदान की गई

vivratidarpan.com देहरादून। साहित्यकार और शिक्षिका भारती मिश्रा को स्पर्श हिमालय विश्वविद्यालय द्वारा डॉक्टरेट (पी एच डी) की उपाधि प्रदान की गई है। भारती मिश्रा को यह उपाधि उनके शोध प्रबंध…

मुख्यमंत्री ने श्री वाराही धाम देवीधुरा, चम्पावत में आयोजित शिलान्यास कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित किया

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास से श्री वाराही धाम देवीधुरा, चम्पावत में आयोजित मंदिर के नव निर्माण कार्य के शिलान्यास कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से…

SIR में आईटी वॉलिटिसर्य करेंगे BLO की मदद

देहरादून। उत्तराखण्ड में आगामी अप्रैल माह में होने वाले विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने शुक्रवार को सचिवालय में SIR के लिए तैनता…

शून्य – डॉ रेखा मित्तल

मैं शून्य पर खड़ी थी अहसास गहरे थे पर जमीन अपनी न थी कहने को तो सब अपने पर कोई अपना न था शून्य से शुरू की जिंदगी कुछ खोने…

माँ शैलपुत्री (प्रथम दिवस) – राजलक्ष्मी श्रीवास्तव

चैत्र की नव अरुणिमा में, भोर नई मुस्काई है, शक्ति का प्रथम स्वरूप धरा पर फिर आई है। पर्वत-सी अडिग जिनकी, महिमा अपार है, माँ शैलपुत्री का आज प्रथम श्रृंगार…