मानव कल्याण मंच द्वारा अपनी आजीविका चलाने के लिए रेहड़ी ( हाथ का ठेला ) प्रदान किया

vivratidarpan.com देवबन्द – मानव सेवा को समर्पित संस्था मानव कल्याण मंच द्वारा ” नर सेवा नारायण सेवा ” के सूत्र को अपनाकर किये जा रहे सेवा कार्यों की कड़ी में…

शिक्षा में विषाक्त वातावरण का दोषी कौन – डॉ. सुधाकर आशावादी

vivratidarpan.com – इतिहास साक्षी है कि 1947 में देश का आधा अधूरा बँटवारा धार्मिक आधार पर हुआ, फिर भी दोनों देशों में दोनों ही धर्मों के कुछ अनुयायी शेष रह गए।…

मुख्यमंत्री ने खटीमा सिविल न्यायालय में अधिवक्ताओं हेतु नव निर्मित चैम्बर का फीता काटकर लोकार्पण किया

माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर एक करोड़ की लागत से खटीमा सिविल न्यायालय में अधिवक्ताओं हेतु नव निर्मित चैम्बर का फीता काटकर व दीप…

त्रिभाषा सम्मेलन हैदराबाद भावी पीढ़ी को प्रेरणा देगी – कवि संगम त्रिपाठी

vivratidarpan.com हैदराबाद – प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा व एस एच एम वी फाउंडेशन हैदराबाद द्वारा त्रिभाषा सम्मेलन क्रियान्वित किया गया। त्रिभाषा सम्मेलन में हिंदी, संस्कृत व तेलगु को नई दिशा…

शंकरत्व के बिना सब निर्मूल है – हरी राम यादव

शंकरत्व ही इस सृष्टि का मूल है। वह ही तना पत्ती फल फूल है। शंकरत्व ही कृषि और विज्ञान है। शंकरत्व ही तो अनुसंधान है। शंकरत्व प्रेम अहिंसा बंधुत्व है।…

डीएम की संस्तुति पर उप निबन्धक ऋषिकेश निलम्बित, मुख्यालय सम्बद्ध

देहरादून दिनांक 14 फरवरी 2026, जिला प्रशासन की रिपोर्ट पर शासन ने बड़ा एक्शन लेेते हुए उप निबन्धक ऋषिकेश को निलिम्बत करते हुए मुख्यालय सम्बद्ध कर दिया है। विगत माह…

देहरादून से हरिद्वार तक सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार का औचक निरीक्षण

राज्य में आने वाले विशिष्ट अतिथियों और अधिकारियों को उच्च स्तरीय आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आवास एवं राज्य संपत्ति विभाग के सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने…

जाड़ों का मौसम और सुहानी धूप – सुनील गुप्ता

( 1 ) है जाड़ों का मौसम निकली सुहानी धूप सुनहरी  ! चले समाए तन-मन में आनंद…, खिलीं मधुर स्मृतियाँ मनोहारी !! ( 2 ) हैं शबनम की बूंदे पड़ी…

रजत संगम – डॉ निधि दीपिका बोथरा जैन

पच्चीस वर्षों का ये सफ़र, विश्वास का सार बना। साथ निभाते हुए इस राह में, अपनों संग घर बना। हर मौसम में दो हाथों का, यह अटूट साथ बना। प्रेम,…

छात्रों और चूल्हे के बीच खड़ी शिक्षिका — डॉ. प्रियंका सौरभ

vivratidarpan.com – समाज में कुछ धारणाएँ इतनी गहरी पैठ बना लेती हैं कि वे सवालों से परे सत्य मान ली जाती हैं। “अध्यापिका की नौकरी तो सबसे आराम की है”—यह…