मेरे राम – सुनील गुप्ता 

  ( 1 ) मेरे राम बसते मेरे मन मंदिर, करूँ उनकी पूजा, गुणगान उन्हीं के !!   ( 2 ) हैं वही मेरे प्रिय त्रिलोकी भगवान, उन्हीं की शरण,…

बेकदर शहर में – अनिरुद्ध कुमार

  भटक रहें बेकदर शहर में, कहाँ ठिकाना यहाँ नजर में।   मिले सहारा यहीं तमन्ना, नया मुसाफिर बनें इधर में।   हवा यहाँ पर करें शरारत, कहाँ इनायत रहें…

शक्ति दंभ और सनकी राजा (व्यंग्य) – सुधाकर आशावादी

  vivratidarpan.com – संसार में अनेक ऐसे सनकी राजा हुए हैं, जिन्होंने मनमाने निर्णय लेकर प्रजा को खूब तंग किया है। किसी ने अपनी सनक में चमड़े के सिक्के चलाकर…

माता-पिता को समर्पित ‘विमला ज्ञान साहित्य मंच’ पर ‘शिव/सावन/रक्षाबंधन’ विषयक काव्य गोष्ठी संपन्न

vivratidarpan.com सुधीर श्रीवास्तव- माता-पिता/ सास-ससुर की स्मृतियों को जीवंत रखने के उद्देश्य से अंजू श्रीवास्तव/ सुधीर श्रीवास्तव द्वारा स्थापित ‘विमला ज्ञान साहित्य मंच’ की प्रथम आभासी काव्य गोष्ठी का ‘शिव/सावन/रक्षाबंधन’ विषयक…

जीवन की अमूल्य धरोहर हैं माता-पिता – फौज़िया नसीम शाद

vivratidarpan.com – आज की निरंतर बदलती जीवनशैली और उपभोक्तावादी सोच ने हमारे सामाजिक संबंधों की बुनियाद को ही डगमगा दिया है। रिश्तों में प्रेम, विश्वास और अपनापन अब उतना सहज…

ग़ज़ल – रीता गुलाटी

  जिंदगी मे यार कब रहबर मिले, प्यार के प्यासे सभी दिलबर मिले।   लौटना था आपका साहिल से बस, मैने कब सोचा मुझे ये भँवर मिले।   चाँद ढूँढे…

पूजा जाता है यहाँ वही आदमी – गुरुदीन वर्मा

  (शेर)- गर तुमसे कहे कोई, आवो खो जावो तुम मेरी मस्ती में। क्या रखा है जिंदगी में, करो मौज, चाहे आग लगे बस्ती में।। लेकिन मैं तुमसे ऐसी उम्मीद…

बदन की नहीं, बुद्धि की बनाओ पहचान बहनों: अश्लीलता की रील संस्कृति पर एक सवाल – प्रियंका सौरभ

  Vivratidarpan.com – हम एक ऐसे दौर में जी रहे हैं जहाँ स्क्रीन पर दिखना असल में जीने से ज़्यादा जरूरी हो गया है। जहां ज़िंदगी कैमरे के फ्रेम में…

जिलाधिकारी ने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय कोरूबा का स्थलीय निरीक्षण किया

देहरादून, 01 अगस्त, 2025 (सू.वि) जिलाधिकारी सविन बंसल ने विकासखंड कालसी स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय कोरूबा का स्थलीय निरीक्षण कर विद्यालय में शैक्षिक एवं आवासीय व्यवस्थाओं का जायजा…

ग़ज़ल (हिंदी) – जसवीर सिंह हलधर

  हड्डियों का जाल है ये कारखाना जिस्म का । चंद सांसों पर टिका है वारदाना जिस्म का ।   जान आदम की बचाने में जुटी चारागरी , मौत को…