तुम पर ही फ़िदा हूँ – अशोक यादव 

मैं तुम्हें चाहता हूँ, तुम पर ही मर मिटा हूँ। प्यार करता हूँ तुझे, तुम पर ही फ़िदा हूँ।। धड़कनें कह रही हैं, कुछ सुनो तो ज़रा। पास आओ ना…

पुलिस क्षेत्राधिकारी अभितेष सिंह के नेतृत्व मे देवबन्द पुलिस ने पैरा मिलटरी फाॅर्स के साथ निकाला फ्लैग मार्च

vivratidarpan.com देवबंद – रमजान, होली व अन्य त्यौहारों को सकुशल सम्पन्न कराने के उद्देश्य से देवबन्द में पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। देवबंद पुलिस क्षेत्राधिकारी अभितेष सिंह के…

होली को बनाएं रंगों, रिश्तों और जिम्मेदारी का पर्व – डाॅ. पंकज भारद्वाज

vivratidarpan.com – होली रंगों और उल्लास का पर्व है, लेकिन बीते कुछ वर्षों में यह खुशी कई बार लापरवाही और असंवेदनशील व्यवहार के कारण भय में बदल जाती है। रंग खेलने…

25 वें वैवाहिक वर्षगांठ का अनमोल उपहार – सुधीर श्रीवास्तव

vivratidarpan.com – 15 फरवरी ‘2026 को मेरी 25 वीं वैवाहिक वर्षगाँठ पर बेटियों ने सत्य नारायण भगवान की कथा का आयोजन किया। जिसमें गुरु रुपरिवार के अलावा कुछ पारिवारिक लोगों…

वैशाली ऐतिहासिक स्थल परिभ्रमण के लिए उत्क्रमित मध्य विद्यालय सिमरा मल्लाह टोला के विद्यार्थी गण काफ़ी उत्साहित दिखे

vivratidarpan.com-कुमार संदीप – मुख्यमंत्री परिभ्रमण कार्यक्रम अंतर्गत बिहार राज्य के मुजफ्फरपुर जिला अंतर्गत बंदरा प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय सिमरा मल्लाह टोला के विद्यार्थीगण, प्रधानाध्यापक, सहायक शिक्षकगण वैशाली ऐतिहासिक स्थल…

चिंता का विषय है जातीय वैमनस्यता को बढ़ावा देना – डॉ. सुधाकर आशावादी

vivratidarpan.com – देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर जिस प्रकार का अराजक वातावरण बनाया जा रहा है तथा समाज में विघटनकारी प्रदर्शनों से जातीय वैमनस्यता को बढ़ावा दिया जा…

डीएम का कोरोनेशन निरीक्षण; पैथोलॉजी का समय 1 घंटे बढा

देहरादून दिनांक 23 फरवरी 2026, जिलाधिकारी सविन बसंल ने आज जिला चिकित्सालय कोरोनेशन का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं जानी। इस दौरान जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन ब्लड बैंक के कार्यों का निरीक्षण करते…

वक्त बता ही देता है – सुनील गुप्ता

( 1 ) वक्त बता ही देता, कि, कौन है कीमती हमारे लिए  !!   ( 2 ) फ़क़त यही ज़रूरी है, कि, पहचानलें अभी, समय रहते हुए !!  …

भगोरिया: आदिवासी संस्कृति का जीवंत उत्सव – प्रवीण कक्कड़

vivratidarpan.com – संस्कृति वो जड़ है जो हमें तूफानों में भी खड़ा रखती है, और उत्सव वो टहनी है जिस पर खुशियों के फूल खिलते हैं। ​फाल्गुन की हवाओं में…

तेरे प्रेम में – सविता सिंह

प्रीत तुमको  हुआ और निखर मैं गयी। थाम तुमने लिया और बिखर मैं गयी। हो चुकी हूँ रति मैं तो तेरे प्रेम में। मौन स्पर्श था सखे और सिहर मैं…