ना बहन रोए, ना बहू – प्रियंका सौरभ

  रिश्तों में मोहब्बत का दिया जलना चाहिए, ना बहन रोए, ना बहू को तन्हा रहना चाहिए।   जिस घर में बेटियों को मिले ताज सा मान, उस घर में…

समिति कार्यालय में विधायक जय मंगल सिंह द्वारा किया गया ध्वजारोहण

  vivratidarpan.com धोरी – स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर महिला कल्याण समिति धोरी, बोकारो के प्रांगण में माननीय बेरमो विधायक कुमार जय मंगल सिंह ने अपने कर कमलों द्वारा झंडोत्तोलन…

भगवान शिव के साथ पूजी जाती हैं उनकी मानस-पुत्री  मनसा विषहरी – शिव शंकर सिंह पारिजात

vivratidarpan.com – पुरातन काल में सोलह महाजनपदों में शुमार अंगभूमि भागलपुर की ऐसी कई धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपराएं हैं जो इसे विशिष्ट तथा खास बनाती हैं। यहां प्रति वर्ष जगत…

हृदयांगन एवं जीवन्ती देवभूमि साहित्यिक व सामाजिक संस्था द्वारा 15 अगस्त को किया साहित्यिक आयोजन

  vivratidarpan.com Deharadun-.स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर ‘हृदयांगन साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था’ और ‘जीवन्ती देवभूमि साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था’ के संयुक्त तत्वावधान में एक भावपूर्ण काव्य-संध्या “एक शाम वीरों…

श्री फतह नारायण राजकीय मध्य विद्यालय सिमरा में स्वतंत्रता दिवस विशेष आयोजन संपन्न

vivratidarpan.com – मुजफ्फरपुर/बिहार- बिहार राज्य के मुजफ्फरपुर जिले में अवस्थित श्री फतह नारायण राजकीय मध्य विद्यालय पुनीत पावन विद्यालयों में एक माना जाता है, क्योंकि इस विद्यालय से निकलकर छात्र/छात्राओं ने…

आजादी के दीवाने – सुनील गुप्ता

( 1 ) चले वीर आजादी के दीवाने, बाँधकर कफ़न सिर पे अपने !! ( 2 ) उजले मस्तक पे तिलक सोहे, जब चले वीर सैनानी लड़ने संग्राम में !!…

सैनिक – सविता सिंह

  जहाँ  पर्वत के जैसे है सैनिक खड़े, उस धरा पर कभी आँच आए नहीं। राष्ट्र जिसके लिए है सर्वोपरि, उस जहाँ  पर कभी आंच आए नहीं। आँधी तूफान हो…

कब तक – प्रदीप सहारे

  वह लगातार प्रयत्नशील है, जलाकर अपना शील। चारों तरफ आक्रांताओं का आतंक, अंदर से, बाहर से— घिरा हुआ है वह, अपने ही वादों से, जो उसने किए अपने आप…

विभाजन विभीषिका – जसवीर सिंह हलधर

  रात आधी का बुरा इतिहास भी है । ऐक ऐसा दर्द दिल के पास भी है ।। कौम के दो फाड़ होने की मुसीबत । खून से हमने अदा…

स्वतंत्र भारत में स्वच्छंदता नहीं स्वाधीनता की आवश्यकता – संदीप सृजन

vivratidarpan.com – “हम भारतीय लोगों की स्वतंत्रता स्वच्छंदता में नहीं बदले,बल्कि स्वाधीनता में रुपांतरित हो।” यह वाक्य भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के मूल सिद्धांतों को प्रतिबिंबित करता है। यह महात्मा गांधी…