रंगीला भंवरा – राजलक्ष्मी श्रीवास्तव

रंगीला भंवरा पंख पसारे, फूलों संग मुस्काता है, रंग-बिरंगी दुनिया में वह, मधुर राग सुनाता है। कभी गुलाब की गोद में झूले, कभी कमल से बतियाए, मधु की मीठी बूंदों…