गौरैया की पुकार – राजलक्ष्मी श्रीवास्तव

छोटी सी चिड़िया, प्यारी सी गौरैया, आँगन में गूंजे उसकी मधुर मुरैया। फुदक-फुदक कर दाने चुनती, हर पल अपनी दुनिया बुनती। कभी छज्जे पर, कभी पेड़ की डाली, उसकी चहक…

हँसी जो उम्मीद बन गई – अमित कुमार

सोशल मीडिया की हर रील में एक हँसी गूंजती है — खिलखिलाती, सच्ची, जैसे सूखी धरती पर पहली बारिश। वह हँसी अरुण की है… तेलंगाना की धूप में तपे एक…

हिंद नव वर्ष – बसंत श्रीवास

महक उठे धरा पर खुशबू , और खुशियों की बरसात हो । चैत मास के पावन महीना, नव वर्ष की शुरूआत हो।।   सत्य सनातन हो तन-मन में, तो दुश्मन…

साहित्यकार और शिक्षिका भारती मिश्रा को डॉक्टरेट (पीएचडी) की उपाधि प्रदान की गई

vivratidarpan.com देहरादून। साहित्यकार और शिक्षिका भारती मिश्रा को स्पर्श हिमालय विश्वविद्यालय द्वारा डॉक्टरेट (पी एच डी) की उपाधि प्रदान की गई है। भारती मिश्रा को यह उपाधि उनके शोध प्रबंध…