जाना है उस पार – अनिरुद्ध कुमार

छूट रहा सब रिश्ता नाता, अब क्या सोंचे यार। मन का पंछी चला अकेला, जाना है उस पार।। सोन चिरैया तोले मोले, बेचैनी में क्या क्या बोले, बार बार लेती…

कहानिका शिखा आभासी कवि सम्मेलन हुआ सम्पन्न

vivratidarpan.com – कहानिका हिंदी पत्रिका (महिला कल्याण समिति धोरी,बोकारो द्वारा संचालित) के छत्तीसगढ़ अध्याय द्वारा शिखा गोस्वामी निहारिका ,केंद्रिय सूचना प्रभारी और विभा तिवारी सह संपादक, कहानिका तथा छत्तीसगढ़ राज्य…

मुख्यमंत्री ने की देहरादून जनपद के विकास कार्यों की समीक्षा

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को राजपुर रोड स्थित वन मुख्यालय के मंथन सभागार में देहरादून जनपद के विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने…

बदलता साल – सुनील गुप्ता

( 1 ) बदले साल हम न बदलें तो, हो बुरा हाल  !!   ( 2 ) घर में टंगे कैलेंडर की जैसे, हमारा हाल  !!   ( 3 )…

कितना लगता है प्यारा – अनिरुद्ध कुमार

पल-पल जीवन बीत रहा, सुख-दुख का संगीत रहा। भटक रहा मन कहाँ कहाँ, हार जीत मनमीत रहा।   लम्हा पथ रोक खेल करें, आनंदित अठखेल करें। मानव जीवन काट रहा,…

कवियत्री मेघा मनोज अग्रवाल नारी रत्न सम्मान से हुई सम्मानित

vivratidarpan.com जबलपुर – कवियित्री मेघा अग्रवाल नागपुर को समाजसेविका हिंदी लेखन व उनके बहुमुखी प्रतिभा के लिए राज्यस्तरीय श्याम बहुउद्देशीय संस्था की तरफ से देवरी में नारी रत्न सम्मान से…

साहित्य के विद्रोही योद्धा कथाकार ज्ञानरंजन – संदीप सृजन

vivratidarpan.com – ज्ञानरंजन हिंदी साहित्य की दुनिया में एक ऐसा नाम है जो कहानी विधा को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाले रचनाकारों में शुमार रहे। वे न केवल एक…

मुख्यमंत्री ने सेवा संकल्प (धारिणी) फाउंडेशन द्वारा आयोजित माल्टा महोत्सव कार्यक्रम में प्रतिभाग किया

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को ITBP स्टेडियम सीमा द्वार, देहरादून में सेवा संकल्प (धारिणी) फाउंडेशन द्वारा आयोजित दो दिवसीय माल्टा महोत्सव कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने…

पूर्णिका – श्याम कुंवर भारती

दिल लेके दिल नहीं दिया तुमको हम बेईमान कहेंगे। कद्र नहीं नाजुक दिल नहीं तुमको हम कद्रदान कहेंगे।   अपनी मर्जी से आना जाना आंखों को प्यासा छोड़कर। तड़पता देख…

सोच को बदलो, त्यौहार नहीं – ज्योती वर्णवाल

हम गर्व से कहते फिरते हैं, बच्चा मेरा ‘कान्वेंट’ जाता है, ए.बी.सी.डी. जब वो बोले, तब मन बड़ा हर्षाता है। तब रीत नहीं आड़े आती, न ही संस्कृति घबराती है,…