मुक्तक – श्याम कुंवर भारती

परवाह मेरी<> मैने दिल लगाया भी किससे जिसे प्यार की परवाह ही नहीं। चाहा कितना उसे जान से ज्यादा जिसे मेरी कोई चाह ही नहीं। दर्द ही दिया तड़पाया और…

पीएम श्री स्कूल का राजभाषा निरीक्षण हुआ संपन्न

vivratidarpan.com उन्नाव (उ.प्र.) –  पीएम श्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय राजीवपुरम उन्नाव में राजभाषा का निरीक्षण संपन्न हुआ। निरीक्षण अधिकारी अजय कुमार चौधरी, सहायक निदेशक राजभाषा कार्यान्वयन एवं साथ में श्रीमती…

अला अल-फलाह – सुनील गुप्ता

अल-फलाह रास्ता दिखलाते हैं, अल-इलाह  !!1!!   थे वह कौन जो पीछे छोड़ गए, मौत तबाही !!2!!   ख़ुदा बख्श दे या दे ज़रा सद्बुद्धि, इन्हें इलाही !!3!!   ईश्वर…

उठ गया विस्वास – नीलांजना गुप्ता

एक झोंके की तरह यह उड़ गया है। बर्फ के जैसे पिघल कर गल गया है। पक्षी थक कर गिर गया हो जैसे नभ से ।।   हुआ धूमिल भोर…

कविता – जसवीर सिंह हलधर

जुड़े प्रकृति के संग ,कला के साधन सारे । इंद्र धनुष के रंग , दीखते न्यारे न्यारे ।। होता यही स्वभाव , प्रकृति के रूप निराले । मौसम के बदलाव…

दुःख की घड़ी में (लघुकथा)-  सुधाकर आशावादी

vivratidarpan.com – मास्टर जी का जब निधन हुआ, तो अर्थी को कन्धा देने के लिए चार कंधे भी नसीब नहीं हुए। कहने को उनका भरा पूरा परिवार था, किन्तु अड़ोसी…

​स्प्रिंगडेल स्कूल में ‘स्टडी अब्रॉड’ सत्र का सफल आयोजन: छात्रों को वैश्विक करियर की राह दिखाई गई l

vivratidarpan.com ​देवबंद – स्प्रिंगडेल स्कूल में छात्रों के लिए ‘स्टडी अब्रॉड सेशन’ का आयोजन किया गया, जिसमें ग्लोबल एजुकेशन के अवसरों पर गहन मार्गदर्शन प्रदान किया गया। कार्यक्रम में यूनाइटेड…

बाल वाटिका’ बाल-साहित्य के क्षेत्र में सरस, स्नेहिल और संस्कारप्रद कृति – संजीव भटनागर

vivratidarpan.com – डॉ. पूर्णिमा पाण्डेय ‘पूर्णा’ की ‘बाल वाटिका’ बाल-साहित्य के क्षेत्र में एक सरस, स्नेहिल और संस्कारप्रद कृति के रूप में उभरती है। यह पुस्तक न केवल बच्चों के…

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दी बड़ी राहत — उत्तराखंड में एक वर्ष तक नहीं बढ़ेगी वाहन फिटनेस फीस

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राज्य सरकार ने उत्तराखंड के वाहन स्वामियों को महत्वपूर्ण राहत प्रदान करते हुए पुराने (15 वर्ष) कमर्शियल वाहनों की फिटनेस फीस में…

स्मृतियों की दीमक – रेखा मित्तल

दीमक शायद पढ़ना जानती थी तभी चाट गई अलमारी में रखी किताबों को बहुत ही बेरहमी से ताकि कोई दोबारा उन्हें पढ़ न सके तुम कहते ही रहे पर पढ़…