अला अल-फलाह – सुनील गुप्ता

अल-फलाह रास्ता दिखलाते हैं, अल-इलाह  !!1!!   थे वह कौन जो पीछे छोड़ गए, मौत तबाही !!2!!   ख़ुदा बख्श दे या दे ज़रा सद्बुद्धि, इन्हें इलाही !!3!!   ईश्वर…

उठ गया विस्वास – नीलांजना गुप्ता

एक झोंके की तरह यह उड़ गया है। बर्फ के जैसे पिघल कर गल गया है। पक्षी थक कर गिर गया हो जैसे नभ से ।।   हुआ धूमिल भोर…