भोजपुरी छठ गीत – श्याम कुंवर भारती

भोरवे भोरवे अईली छठ घटिया उगी के करा हो अंजोर। हाली उगा हो सूरज देव होला अरघीया के हो देर। जगवा में बाड़ा तू ही साक्षात् एगो देवता। देइब हम…

  चाँदनी रात – डॉ. सत्यवान सौरभ

चाँदनी रात आई धीरे-धीरे, तारों ने जगमगाया सवेरा। नींद में सपनों का साज बने, प्यारा मौसम हो प्यारा भेरा।   छोटे-छोटे पत्ते सो रहे, फूलों पर ओस की बूँदें। खिलखिलाते…

दीपांजलि काव्य सृजन शिरोमणि विशिष्ट सम्मान से सम्मानित हुए कवि अशोक यादव

vivratidarpan.com मुंगेली। राजश्री राष्ट्रीय साहित्य अकादमी छत्तीसगढ़ के द्वारा दिनाँक 20 से 21 अक्टूबर 2025 को दीपावली के शुभ अवसर पर स्वयं दीप बनो और जग को रोशन करो, दीप…

प्रदेश का रजत जयंती समारोह पूरे प्रदेश में मनाया जाएगाः मुख्य सचिव

मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने गुरूवार को सचिवालय में नवम्बर माह में प्रस्तावित रजत जयंती समारोह की तैयारियों को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक ली। मुख्य सचिव ने कहा…

आया भाई दूज का त्यौहार – सुनील गुप्ता

अटूट प्रेम समर्पण भाव का आया भाई दूज का त्यौहार  ! कार्तिक शुक्ल द्वितीया तिथि.., खिले शुभानन, बरसे प्रेम प्यार !!1!!   ममत्व प्रेम संग पूजन करती चले बहना करती…

महके हैं फूल, चली महकी बहारें – गुरुदीन वर्मा

महके हैं फूल, चली महकी बहारें। निकला है चांद, चमके नभ में सितारें।। छाई है मस्ती, झूमे मस्ती में सारे। गाये तराने।। महके हैं फूल————————–।।   दुल्हन बनी है यह…

मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने केदारनाथ यात्रा व्यवस्थाओं का लिया जायजा

मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने आज बुधवार को पवित्र केदारनाथ धाम पहुंचकर भगवान बाबा केदारनाथ के दर्शन किए और धाम परिसर में चल रहे पुनर्निर्माण एवं विकास कार्यों का…

मेरा आसमान – सविता सिंह

स वक्त तुमने कुछ न कहा, मैंने कितना कुछ था सहा। आज कहते हो रुक जाओ, ढूंढ लिया जब अपना जहाँ। पहली बार जब हम थे मिले, शुरू हुए थे…

गोवर्धन पूजा – कर्नल प्रवीण त्रिपाठी

इंद्र पूजा बंद भई, चहुँदिशि वर्षा हुई खेल में गिरिराज को, कनिष्ठा पे उठा लिया गोवर्धन छाता तना, गिरि प्राण दाता बना सातवें दिन से वहाँ, अन्नकूट शुरू किया। लीला…

अखंड प्रचंड पुरुषार्थी अमित शाह – सत्येंद्र कुमार जैन

vivratidarpan.com – पवित्र ग्रंथ श्रीमद् भागवत गीता में लिखा गया है कि – यद्यदाचरति श्रेष्ठस्तत्तदेवेतरो जनः। स यत्प्रमाणं कुरुते लोकस्तदनुवर्तते। अर्थात श्रेष्ठ मनुष्य जो आचरण करते हैं,अन्य मनुष्य वैसा ही आचरण…