दोनों पाँव अपने – सुनीता मिश्रा

  दोनों पाँव ही अपने है लेकिन अलग-अलग से सपने है सपने सुहाने लड़कपन के.. खो गए जाने वें कहाँ, एक पांव है विद्यालय से महाविद्यालय तक का सफर, तो…

धीरज सिंह चौहान व सुनील कुमार को साहित्य में अद्भुत योगदान के लिए किया जाएगा सम्मानित

  vivratidarpan.com   वाराणसी (पीयूष गोयल) –  2 नवंबर 2025 को बनारस की पावन  धरती पर आयोजित “लेखनशाला कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह” में इस वर्ष दो विशिष्ट व्यक्तित्वों को उनके…

सर्व मंगल कामना पूर्ति का पर्व है दीपावली – डॉ. सुधाकर आशावादी

vivratidarpan.com –  यूँ तो भारतीय समाज में सभी पर्व सामाजिक सद्भाव एवं पारस्परिक सहयोग से जीवन को प्रफुल्लित करने का संदेश देते हैं। पर्व मनाए जानेकी पृष्ठभूमि में समाज को…