माता-पिता को समर्पित ‘विमला ज्ञान साहित्य मंच’ पर ‘शिव/सावन/रक्षाबंधन’ विषयक काव्य गोष्ठी संपन्न

vivratidarpan.com सुधीर श्रीवास्तव- माता-पिता/ सास-ससुर की स्मृतियों को जीवंत रखने के उद्देश्य से अंजू श्रीवास्तव/ सुधीर श्रीवास्तव द्वारा स्थापित ‘विमला ज्ञान साहित्य मंच’ की प्रथम आभासी काव्य गोष्ठी का ‘शिव/सावन/रक्षाबंधन’ विषयक…

जीवन की अमूल्य धरोहर हैं माता-पिता – फौज़िया नसीम शाद

vivratidarpan.com – आज की निरंतर बदलती जीवनशैली और उपभोक्तावादी सोच ने हमारे सामाजिक संबंधों की बुनियाद को ही डगमगा दिया है। रिश्तों में प्रेम, विश्वास और अपनापन अब उतना सहज…

ग़ज़ल – रीता गुलाटी

  जिंदगी मे यार कब रहबर मिले, प्यार के प्यासे सभी दिलबर मिले।   लौटना था आपका साहिल से बस, मैने कब सोचा मुझे ये भँवर मिले।   चाँद ढूँढे…

पूजा जाता है यहाँ वही आदमी – गुरुदीन वर्मा

  (शेर)- गर तुमसे कहे कोई, आवो खो जावो तुम मेरी मस्ती में। क्या रखा है जिंदगी में, करो मौज, चाहे आग लगे बस्ती में।। लेकिन मैं तुमसे ऐसी उम्मीद…

बदन की नहीं, बुद्धि की बनाओ पहचान बहनों: अश्लीलता की रील संस्कृति पर एक सवाल – प्रियंका सौरभ

  Vivratidarpan.com – हम एक ऐसे दौर में जी रहे हैं जहाँ स्क्रीन पर दिखना असल में जीने से ज़्यादा जरूरी हो गया है। जहां ज़िंदगी कैमरे के फ्रेम में…

जिलाधिकारी ने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय कोरूबा का स्थलीय निरीक्षण किया

देहरादून, 01 अगस्त, 2025 (सू.वि) जिलाधिकारी सविन बंसल ने विकासखंड कालसी स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय कोरूबा का स्थलीय निरीक्षण कर विद्यालय में शैक्षिक एवं आवासीय व्यवस्थाओं का जायजा…

ग़ज़ल (हिंदी) – जसवीर सिंह हलधर

  हड्डियों का जाल है ये कारखाना जिस्म का । चंद सांसों पर टिका है वारदाना जिस्म का ।   जान आदम की बचाने में जुटी चारागरी , मौत को…

सूरज की प्यारी किरण – डॉ. सत्यवान सौरभ

  सुबह की पहली किरण आई, खुशियों की बहार लाई। पंछी बोले, फूल मुस्काए, नन्हे बच्चे खेल में लगाए।   सूरज की गर्माहट में, छुप-छुप कर सब खेले। धूप की…