साँझ – सविता सिंह

  उम्र की इस साँझ में, जब तुम स्वयं से मिले पूछो मन के मौन से, क्यों इतने भ्रम में ढले? किसे खोजता फिरा मन, किसकी अधूरी प्यास है? मृग…

ग़ज़ल – कशिश होशियारपुरी

  यह  तमन्नाओं का गुलज़ार  बहुत  अच्छा  है, मौसम-ए-हिज्र  तो  इस  बार  बहुत  अच्छा है।   ज़िन्दगी आई थी कुछ ख़्वाब सी शर्तें  ले कर, आप ने  कर  दिया  इनकार…

सिर्फ एक राजनेता नहीं, बल्कि झारखंड के जनांदोलन के प्रतीक थे शिबू सोरेन – सुधीर पाल

vivratidarpan.com –  1855 में जब सिदो-कान्हू, चांद-भैरव, और फुलो-झानो ने ‘दामिन-ए-कोह’ की धरती पर अंग्रेज़ी राज, महाजनों और जमींदारों के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंका, तो वह सिर्फ हथियारबंद विद्रोह…

अदालतों में न्याय-प्रतीक्षा में साढ़े चार करोड़ लोग – मनोज कुमार अग्रवाल

vivratidarpan.com – अपने देश में आम आदमी को न्याय मिलना काफी दुष्कर हो गया है। समय पर न्याय, न्याय व्यवस्था में जनता के विश्वास की आधारशिला है, जैसा कि इस…

वर्षा फुहार – श्याम कुंवर भारती

  आप अकेले क्यों भींग जाने लगे । बारिश में मुझे क्यों भूल जाने लगे।   रिमझिम फुहार वर्षा अंग सिहराये। यादों के झरोखों में बदन लहराए। हवाओं के संग…

स्त्री पुरुष संबंध – रेखा मित्तल

  मुड़ जाती हैं स्त्रियां बार बार उन रास्तों पर जहां वह रुसवा हुई नहीं तलाश पाती अपने लिए एक नया आसमान ऐसा प्रेमवश कतई नहीं पर शायद उन्होंने देखी…

लाइसेन्स निलंबित; शस्त्र जब्त; निरस्तीकरण की प्रकिया शुरू

देहरादून दिनांक 03 अगस्त 2025, पति अपनी पत्नी पर बात-2 में तान देता था बंदूक; डीएम सविन बंसल के सम्मुख दुखियारी पत्नि ने 1 अगस्त को गुहार लगाई थी, जिस…

मेरे राम – सुनील गुप्ता 

  ( 1 ) मेरे राम बसते मेरे मन मंदिर, करूँ उनकी पूजा, गुणगान उन्हीं के !!   ( 2 ) हैं वही मेरे प्रिय त्रिलोकी भगवान, उन्हीं की शरण,…

बेकदर शहर में – अनिरुद्ध कुमार

  भटक रहें बेकदर शहर में, कहाँ ठिकाना यहाँ नजर में।   मिले सहारा यहीं तमन्ना, नया मुसाफिर बनें इधर में।   हवा यहाँ पर करें शरारत, कहाँ इनायत रहें…

शक्ति दंभ और सनकी राजा (व्यंग्य) – सुधाकर आशावादी

  vivratidarpan.com – संसार में अनेक ऐसे सनकी राजा हुए हैं, जिन्होंने मनमाने निर्णय लेकर प्रजा को खूब तंग किया है। किसी ने अपनी सनक में चमड़े के सिक्के चलाकर…