रक्षाबंधन प्रज्ञान और सूर्यांशी का

छोटे-से प्रज्ञान की कलाई पर जब सूर्यांशी ने रक्षासूत्र बाँधा, उसमें न कोई दिखावा था, न कोई कहावत, बस मासूम सा वादा था। सूर्यांशी बोली—”भैया, तुम छोटे हो, पर हमेशा…

राखी की सौगात – विजय कुमार शर्मा

भाभी के मन में था इक सपना, ननद का साथ, मायके का अपना। राखी आई, पर बात छुपाई, प्रीति से उसने योजना बनाई। शिवानी आई, संग लाई मिठाई, भाई की…

वाराही धाम-जहाँ रक्षाबंधन पर देवी को प्रसन्न करने के लिए लड़ा जाता है युद्ध – रमाकान्त पन्त

vivratidarpan.com   जनपद चम्पावत के देवीधूरा में स्थित माँ वाराही देवी शक्तिपीठ वाराही धाम के नाम से लोक प्रसिद्ध है। प्राचीन काल से ही यह पावन धाम माँ वाराही देवी की…

नयनवा के धार – श्याम कुंवर भारती

  लगाईके पीरीतीया ये प्रीतम जी, जाइके दुबई भुलईला ये राम। नेहिया क डोरी तोरी दिहला ये प्रीतम जी । सवतीया संग भुलइला ये राम।   सावन में पिया मोर…

सोचो जरा–? – गुरुदीन वर्मा

  सोचो जरा हालात, तब कैसे होंगे। चिराग बेरोशन, जब अपने भी होंगे।। सोचो जरा हालात——————–।।   फिक्र औरों की भी, करना सीखो। वरना बर्बाद सपनें, अपने भी होंगे।। सोचो…