मुख्यमंत्री ने कांवड़ मेले के सफल एवं सकुशल आयोजन पर शासन, प्रशासन एवं पुलिस को दी बधाई

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने 2025 के कांवड़ मेले के सफल, सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण समापन पर समस्त शासन, प्रशासन, पुलिस विभाग, एवं मेला आयोजन से जुड़े सभी कर्मियों को…

मौसम मुस्काया – डा. अंजु लता सिंह

  नभ में मची हलचल,मचल उठे बादल- दल-बल संग कुपित हुए,बरसे हो पागल, झमाझम बरसीं आँगन में बूँदें- शाख़,फूल,पत्तों  पर उछलें और कूदें.   थिरक उठा कोने में रक्खा छाता…

कांवड़ या हुड़दंग? आस्था की राह में अनुशासन की दरकार- प्रियंका सौरभ

  vivratidarpan.com – कांवड़ यात्रा का स्वरूप अब आस्था से हटकर प्रदर्शन और उन्माद की ओर बढ़ गया है। तेज़ डीजे, बाइक स्टंट, ट्रैफिक जाम और हिंसा ने इसे बदनाम…

पर्यावरण संरक्षण, लोक आस्था और आध्यात्मिक चेतना का सुंदर पर्व हरियाली अमावस्या – पवन वर्मा

vivratidarpan.com – हमारे देश में ऋतुओं को ध्यान में रखकर जीवन शैली, त्यौहार और परंपराएँ बनायी गयी हैं। श्रावण मास, वर्षा ऋतु का प्रतीक है। इस मास की अमावस्या को…

बच्चों को तंबाकू निषेध की शपथ दिलाई डॉ.प्रमित मीश्रा ने

vivratidarpan.com शिवगंज (राजस्थान): – वर्ल्ड नो टोबको के तहत तम्बाकू निषेध शपथ जिला चिकित्सालय के एमडीएस डॉ.प्रमित मीश्रा एवं प्रधानाचार्य हेमलता चौधरी की उपस्थिति में छात्र-छात्राओं को दिलवाकर दन्त चिकित्सा…

दिमागी रेबीज यानी इंसान से दूरी, कुत्ते से करीबी – डॉ सत्यवान सौरभ

  Vivratidarpan.com – हम एक ऐसे समय में जी रहे हैं जहाँ लोग अपनी मां को वृद्धाश्रम छोड़ आते हैं, लेकिन कुत्तों के लिए मखमली बिस्तर खरीदते हैं। जहाँ बच्चे…

कविता (स्वाद) – जसवीर सिंह हलधर

  पीतल का स्वाद उस ठठेरे को पता नहीं , जिसने जीवन भर पीतल को हथोड़े से पीट वर्तन बनाए हैं । यह स्वाद उस सैनिक को ही पता है…

दोस्त – जया भराड़े बड़ोदकर

  vivratidarpan.com – सामी और सपना दोनों बचपन के दोस्त थे साथ साथ स्कूल जाते,आते खेलते, खाते-पीते, और हमेशा साथ ही रहा करते थे। बड़े हुए तो कॉलेज भी साथ-साथ…

जीवन्ती’ देवभूमि सामाजिक संस्था ने जीवन्ती देवी की स्मृति में किया काव्य आयोजन

जीवन्ती’ देवभूमि साहित्यिक संस्था किया भव्य कवि सम्मलेन आयोजित utkarshexpress.com देहरादून -20 जुलाई 2025 (रविवार) को ‘जीवन्ती’ देवभूमि साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था के तत्वावधान में अखिल भारतीय महिला आश्रम, कांवली…

गीतिका – मधु शुक्ला

  प्रबल विरोधी, हों जब अपने , तय तब होते , कंटक मिलने।   कठिन परीक्षा, जीवन लगता, जब लग जाते , रक्षक डसने।   नरक हमारा , जीवन बनता,…