नव अम्बु – ज्योत्सना जोशी

  अभी धरा पर नव अम्बु गिरे हैं उर की कोपल मनुहार करें तुम श्रृंगार ओढ़ मधुमास का नैनन में प्रिय घन विस्तार भरें। अभी धरा पर……… जगा कर प्रणय…

आखिरी सवाल ? – दीपक राही

  दुनिया का आखिरी सवाल जब पूछा जा रहा होगा, तब न तो सवाल पूछने पर पाबंदी होगी और न ही किसी को सूली पर चढ़ाया जा रहा होगा, बस…

महात्मा बनादास जी महाराज : तप, त्याग और तत्त्व का त्रिवेणी संगम

vivratidarpan.com – भारत की आध्यात्मिक धारा में असंख्य संतों ने अपनी साधना से मानवता का पथ प्रशस्त किया है। कुछ संत अपने चमत्कारों से प्रसिद्ध हुए, कुछ उपदेशों से, और कुछ…

मोक्ष प्रदाता, संपूर्ण चराचर जगत के नाथ : काशी विश्वनाथ – अंजनी सक्सेना

vivratidarpan.com- काशी विश्वनाथ की महिमा अपरंपार है। उनकी महिमा का वर्णन करना तो सूरज को दिया दिखाने के समान है। काशी जहाँ के कण-कण में शिव विराजमान है वहाँ के…

धडल्ले से उपयोग हो रही है इमोजी की वैश्विक भाषा – विवेक रंजन श्रीवास्तव

vivratidarpan.com – भाषा हमेशा से एक संवेदनशील विषय रहा है। देश को जोड़ने में हिन्दी के महत्व को समझते हुये ही राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने हिन्दी को राष्ट्रभाषा के रूप में…