संकेत साहित्य समिति की काव्य फुहार व सम्मान समारोह संपन्न

vivratidarpan.com बिलासपुर – संकेत साहित्य समिति बिलासपुर छत्तीसगढ़ के तत्वावधान में दिनांक 24.06.2025 को राजकिशोर नगर में काव्य गोष्ठी आयोजित की गई। काव्य गोष्ठी में मुख्य अतिथि कवि संगम त्रिपाठी,…

मन की बातें – सविता सिंह

  करती हूँ जिससे मैं अपने मन की बातें, वो एक रफ कॉपी अरु ढेर सारी किताबें। उस रफ कॉपी के पन्नों पर दिखता अतीत जीते उन क्षणों को समय…

आपातकाल: भारतीय लोकतंत्र के इतिहास की सबसे दुखद और शर्मनाक घटना – विष्णुदत्त शर्मा

  Vivratidarpan.com – “कांग्रेस का लोकतंत्र में विश्वास तब तक है जब तक वह सत्ता में है। जब वह सत्ता से बाहर होती दिखाई देती है, वह संविधान और लोकतंत्र…

सत्ता बचाने की हताशा में लिया गया राष्ट्र विरोधी निर्णय था आपातकाल – हितानंद शर्मा

  Vivratidarpan.com – आंतरिक अशांति का बहाना बनाकर 25 जून 1975 की आधी रात को देश पर थोपे गए ‘आपातकाल’ को 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं। भारत की जनता…

साहित्यकार विष्णु प्रभाकर की 113 वी जयंती के उपलक्ष्य में एक भव्य सम्मान समारोह हुआ आयोजित

कर्नल प्रवीण शंकर – हिन्दी के मूर्धन्य साहित्यकार आदरणीय विष्णु प्रभाकर की 113 वी जयंती के उपलक्ष्य में गाँधी हिंदुस्तानी साहित्य सभा “सन्निधि संगोष्ठी” के पावन सभागार में एक भव्य…

यह धरती हमारी है माता – गुरुदीन वर्मा

  यह धरती हमारी है माता। यह देश हमारा है पिता।। जिसने जन्म दिया है हम सबको। ओरे लोगों, नहीं तुम भुलावो उसको।। यह धरती हमारी———————–।।   लेकर दुःख बदले…

ग़ज़ल – रीता गुलाटी

  लगा ली दर पे ये अर्जियाँ हैं, बता दो मेरी क्या गलतियाँ हैं।   जमाने को दिखती खामियाँ हैं, कि रौनकें होती बेटियाँ हैं।   महक उठी बेटियों से…

क्या फिर से उठेगी अलग ब्रज प्रदेश की मांग ? – वेणुगोपाल शर्मा

  vivratidarpan.com – बांके बिहारी कॉरिडोर को लेकर ब्रजवासियों का  विरोध बढ़ता जा रहा है। बृजवासियों का आरोप है कि वर्तमान सरकार बांके बिहारी कॉरिडोर के नाम पर यहां की…

आधी आबादी, अधूरी भागीदारी: ग्लोबल जेंडर गैप इंडेक्स में भारत की गिरती साख – प्रियंका सौरभ

  Vivratidarpan.com – 21वीं सदी की सबसे बड़ी क्रांतियों में एक है—महिलाओं की भागीदारी का बढ़ना। फिर भी, जब वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम ने ग्लोबल जेंडर गैप इंडेक्स 2025 जारी किया,…

गीत – जसवीर सिंह हलधर

तुम चाहे मानो मत मानो , पर मेरा विश्वास अटल है । मज़हब अगर नहीं होते तो ,रूप जगत का न्यारा होता ।। जाति धर्म के बंध न होते ,…