मुख्यमंत्री धामी ने ” आपातकाल के 50 वर्ष पूर्ण होने पर लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान कार्यक्रम” में प्रतिभाग किया

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र देहरादून में आयोजित ” आपातकाल के 50 वर्ष पूर्ण होने पर लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान कार्यक्रम” में प्रतिभाग किया | इस…

नया लोकतंत्र? (संपादकीय स्थान रिक्त है) -प्रियंका सौरभ

  Vivratidarpan.com  – “जब कलम चुप हो जाए: लोकतंत्र का शोकगीत”   आपातकाल के दौरान अख़बारों ने विरोध में अपना संपादकीय कॉलम ख़ाली छोड़ा था। आज औपचारिक सेंसरशिप नहीं है, लेकिन…

जगन्नाथ का भात, जगत पसारे हाथ – दिनेश चंद्र वर्मा

vivratidarpan.com – हिन्दू धर्म की वर्ण व्यवस्था एवं जाति परम्परा की आलोचना करना आज एक फैशन सरीखा हो गया है, पर इस धर्म में कई तीर्थ स्थान ऐसे भी हैं, जहां…

यति मातु वैष्णवी – कर्नल प्रवीण त्रिपाठी

  वैष्णवी दुःख तारिणी सर्व कष्ट निवारिणी, जग के संकट माते आप दूर करें अभी।   याचक से द्वार तेरे विपदा अनेक घेरे, मात हम भक्तों पर दृष्टि डालिये कभी।…

मेरी तरहा क्या तुम्हें भी – गुरुदीन वर्मा

  मेरी तरहांक्या तुम्हें भी, कोई गम तो नहीं है। मेरी तरहा तुम पर भी, कोई सितम तो नहीं है।। मेरी तरहांक्या तुम्हें भी————————।।   ऐसी किस्मत तो हमको यार,…

“जब व्यवस्था प्रेम को निगल गई: मंजू वर्मा की आत्मकथा पर एक दृष्टि” – प्रियंका सौरभ

  vivratidarpan.com – प्रेम की सबसे सच्ची परीक्षा तब होती है जब वह समय, समाज और सत्ता की सख्त दीवारों से टकराता है। ‘राज सर आईपीएस’ केवल एक प्रेम कथा…