मुख्यमंत्री ने श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ-श्रीमद् भागवत कथा को वर्चुअली सम्बोधित किया

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास से भीमगोडा, हरिद्वार में जगदीश स्वरूप विद्यानन्द आश्रम ट्रस्ट द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ-श्रीमद् भागवत कथा को वर्चुअली सम्बोधित किया…

धामी सरकार के नेतृत्व में उत्तराखण्ड बन रहा है फार्मा हब

उत्तराखण्ड को भारत का फार्मा हब बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, आज खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन मुख्यालय, देहरादून में एक अहम समीक्षा बैठक आयोजित की…

आराधिका साहित्यिक मंच पर ‘जन्म दिवस’ विषयक काव्य गोष्ठी संपन्न

vivratidarpan.com – आराधिका साहित्यिक मंच (पंजी.) पर मंच महासचिव सुधीर श्रीवास्तव (यमराज मित्र) 01जुलाई, वरिष्ठ कवि प्रेम प्रकाश श्रीवास्तव ‘प्रणय’ ( संस्थापक प्रणय साहित्यिक दर्पण) 02 जुलाई एवं वरिष्ठ कवयित्री…

महिला संतो के अखाड़े ‘हाशिये’ पर क्यों? – विजय कुमार शर्मा

vivratidarpan.com -सनातन परंपरा में नारी को शक्ति, ज्ञान और तप का प्रतीक माना गया है- सरस्वती, दुर्गा, सीता, गार्गी, मैत्रेयी इसके प्रमाण हैं। फिर आज के युग में जब महिलाएं…

जीवनदाता, देवदूत और मानवता के प्रहरी चिकित्सक – नरेंद्र शर्मा परवाना

vivratidarpan.com – हर साल एक जुलाई को भारत में राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस मनाया जाता है। यह दिन केवल एक तारीख नहीं, बल्कि एक कृतज्ञ समाज का हृदयस्पर्शी सम्मान है उन चिकित्सकों…

कुर्सियों से उठते सवाल – प्रियंका सौरभ

  कभी शपथ थी बदलाव की, आज सवाल बन गई है वफ़ादारी। कुर्सियाँ सुनती हैं अब थकी आहें, कलमों से गिरती है लाचारी।   जिन हाथों में था हुक़्म का…

पिताजी तुम्हें भूल न पाऊंगा – कालिका प्रसाद

  तुम्हारे  चरणों  की  धूलि कण, माथे   पर  मैं  नित्य  लगाऊं, तुम्हारे बताएं राह पर ही जाऊं, मैं कभी  तुम्हें भूल न पाऊंगा।   अंगुली पकड़ कर चलना सिखाया तुम…

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ’मन की बात’ कार्यक्रम का 123वीं संस्करण सुना

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री आवास में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ’मन की बात’ कार्यक्रम का 123वीं संस्करण सुना। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने…

संकट के आने पर – आर . सूर्य कुमारी

vivratidarpan.com – किसी समय एक राजा हुआ करता था । उसका नाम रामसेन था । एक दिन राजा ने सोचा – मैं तो मनुष्य हूं, मनुष्य के अंदाज में जी रहा…

स्वाद इश्क का – श्याम कुंवर भारती

  चाहत है बड़ी मेरी खुशियां सारी तेरे नाम हो जाए। पता नहीं कब कैसे अब जिंदगी की शाम हो जाए।   हुआ है हादसा बड़ा तुमसे दिल लगाने का…