ग़ज़ल – रीता गुलाटी

  प्यार का गीत मिलकर सुनाएं चलो, दर्द दिल का सदा हम भुलाएं चलो।   ख्याब आँखो मे तुम अब सजाएं चलो, जश्र सब जन्मदिन का मनाएं चलो।   यार…

खत्री जिलाध्यक्ष एवं भाटी जिलामंत्री निर्वाचित

vivratidarpan.com सिरोही(4 मई 2025) – राजस्थान शिक्षक संघ (प्रगतिशील) जिला कार्यकारिणी के चुनाव गांधी पार्क में चुनाव अधिकारी अमर सिंह एवं चुनाव पर्यवेक्षक धर्मेंद्र गहलोत की देखरेख में संपन्न हुए…

ॐ नमः शिवाय – कर्नल प्रवीण त्रिपाठी

  शंभु त्रिपुरारी करें नंदी की सवारी नित. अंग पे भभूति मलें कर त्रिशूल धारते।   तन पे न है दुशाला मात्र धारें मृग छाला कैलाश के वासी प्रभु हिम…

नरक से भी बदतर हैं पंजाब के सिविल अस्पताल – सुभाष आनंद

vivratidarpan.com – आपको जानकर हैरानी होगी कि पिछले 15 दिनों से पंजाब के फिरोजपुर शहर के सिविल अस्पताल में ना पीने का पानी है और ना ही पाखानों में पानी…

जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में पीसीपीएनडीटी सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की गई

देहरादून दिनांक 04 मई 2025, जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार कलेक्ट्रेट में पीसीपीएनडीटी सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की गई, डीएम ने बैठक में दिए  महत्वपूर्ण निर्देश।…

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने नंदप्रयाग में आयोजित राम कथा में प्रतिभाग किया

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को नंदप्रयाग में आयोजित राम कथा में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका सौभाग्य है कि अलकनंदा और नंदाकिनी के संगम नंदप्रयाग…

साथ थी – ज्योत्सना जोशी

बहुत से सवालों के जवाब नहीं हैं, बहुत सी खामोशी जेहन में बेताब थी।   और क्या श़र्त रखते राह-ए-इश्क़ में हम, मेरे ही रहना फ़क़त इतनी सी बात थी।…

कैसे कहूँ शुक्रिया माँ – राधा शैलेन्द्र

कैसे करुं शब्दों में बयां, तुम तो मेरी जीवन हो माँ मुझको दिया जीवन तुमने जी सकूँ इस योग्य बनाया तुमने कैसे कहूँ शुक्रिया माँ! जब भी भींगती है पलके…

सभासद वाजिद मलिक ने एक दिवसीय टूर्नामेंट मैच का फीता काटकर किया उद्घाटन

  vivratidarpan.com देवबंद (महताब आज़ाद) – भायला रोड़ के निकट एक दिवसीय क्रिकेट टूर्नामेंट का हुआ आयोजन सभासद वाजिद मलिक द्वारा फीता काटकर उद्घाटन किया, टूर्नामेंट में 8 टीमों ने…

माथे पर जाति लिखने का दौर (व्यंग्य) – सुधाकर आशावादी

vivratidarpan.com – एक समय था कि जब संग संग पढ़ने और खेलने में जाति नाम से बालक अनभिज्ञ रहते थे, फिर ऐसा भी दौर आया कि जातियों के आधार पर…