युद्ध विराम : शांति और शक्ति के प्रतीक भारत की कूटनीतिक और राजनयिक जीत – संदीप सृजन

  vivratidarpan.com – पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले में 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक की जान चली गई। इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच…

साथियों हो जाओ तैयार – हरि राम यादव

  फिर से धरती रही पुकार, साथियों हो जाओ तैयार । वर्दी दिख रही जो खूंटी पर, एक निगाह लो उस पर मार। पानी की एक बोतल ले लो, शक्करपारे…

युद्ध और शांति – डॉ सत्यवान सौरभ

  मृत्यु की भूमि पर बिछी रेतें हैं, जहाँ पांवों के निशान रह जाते हैं। संगीनें न हो, तो भी रक्त का रंग, समय के थपेड़े फिर भी जगाते हैं।…

स्वतंत्रता का स्वप्न – प्रियंका सौरभ

  नारी की स्वतंत्रता की धारा, चली हर मन में इक विचार सा। बंधनों से बंधी नहीं वह, स्वतंत्रता का है अब ख्वाब हमारा।   कभी कहा गया, तुम छोटी…

कड़ी निंदा से कड़ी कार्यवाही तक (व्यंग्य) – विवेक रंजन श्रीवास्तव

  vivratidarpan.com – आतंकवाद से छद्म युद्ध का दोहरा खेल खेलता पाकिस्तान आज भारत के कोप का शिकार है। पाकिस्तान पर अब तक ‘कड़ा’ रुख अपनाने और मुंबई हमले तक…

युद्ध की चाह किसे है? – डॉ सत्यवान सौरभ

  युद्ध की चाह किसे है, कौन चाहता है रक्त की बूँदें, और राख में सने पंखों की चुप्पी? पर जब झूठ का आवरण ओढ़े, सियार महल की देहरी लांघे,…

कंट्रोल रूम को अब तक मिली 36 शिकायतों में से 34 हो चुकी निस्तारित

देहरादून 09 मई, 2025 मा0 मुख्यमंत्री के जनसेवा संकल्प के तहत पेयजल आपूर्ति से जुड़ी शिकायतों के त्वरित समाधान को लेकर जिला प्रशासन प्रतिबद्व है और हर नागरिक तक स्वच्छ…

अकथित कथा – रश्मि मृदुलिका

मेरी कथा न कहो, अकथित जीवन में कहने को क्या रहा, जीवन समर में खडी़ मैं, विजयी योद्धा सी मैं, अब लड़ने को क्या रहा, प्रतिक्षण, प्रति पल समेटे, प्रति…

फिर वही खाली हाथ – गुरुदीन वर्मा

  फिर वही खाली हाथ, हमेशा दिखाई दिया मुझको, कमी कहाँ थी उस घने वट में, इतनी शाखायें, इतने पर्ण, वजनी इतने फल और, इतनी छाया का प्रभुत्व, लेकिन फिर…

विश्वास की डोर टूटने न पाए – डॉ. फ़ौजिय़ा नसीम ‘शाद’

Vivratidarpan.com – हम अपने जीवन में विश्वास को साख़, ऐतबार, भरोसा, यक़ीन आदि नामों से जानते हैं। यह एक अत्यंत कीमती भावना है, जो कठिन तपस्या और अनुभवों के पश्चात…