माता भाग्य विधाता (आल्ह छंद ) – कर्नल प्रवीण त्रिपाठी

  माँ जननी माता या माई, मदर बोलता है संसार। अलग बोलियों भाषाओं में, दिए नाम हैं कई हजार।1   सबके नयनों में बसता है, जन्मदात्रि का रूप अनूप, गर्भ…

प्रोपेगेंडा और झूठी ख़बरों से सतर्क रहें – प्रियंका सौरभ

  Vivratidarpan.com – युद्ध के दौरान फैलाई गई झूठी खबरें न केवल सैनिकों और आम नागरिकों की सुरक्षा को खतरे में डालती हैं, बल्कि समाज में भय और नफरत का…

सीमाओं की सुरक्षा में तैनात हमारे जवान देश की शान: सीएम धामी

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को भारत-नेपाल सीमा पर स्थित 57 वाहिनी, सशस्त्र सीमा बनबसा का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने सीमा सुरक्षा बल (एस.एस.बी.) के अधिकारियों…

मदर्स डे पर ड्रीम्स संस्था एवं देवभूमि युवा संस्था द्वारा आयोजित किया गया रक्तदान शिविर

देहरादून, 11 मई 2025 रविवार को बद्रीश कालोनी में मदर्स डे के अवसर पर ड्रीम्स संस्था एवं देवभूमि युवा संगठन द्वारा रेडक्रॉस सोसाइटी के सौजन्य से रक्त दान शिविर (…

शब्दों की गुल्लक, भावों का प्रवाह – सुधीर श्रीवास्तव

vivratidarpan.com – युवा कवियित्री एकता गुप्ता ‘काव्या’ का एकल काव्य संग्रह ‘शब्दों की गुल्लक’ एक अनुभूति है। जिसे कोरोना काल में लेखन से पहचान बनाने वाली एक युवा कवयित्री के…

कितने दूर कितने पास – सुनील गुप्ता

  ( 1 ) हम कितने दूर, कितने पास पूछो जरा तुम दिल से यार  ! कहो कुछ तुम, सुनें कुछ हम…., कितना करते हो, तुम हमसे प्यार  !!  …

ग़ज़ल – रीता गुलाटी

  वतन पर जान मैं दे दूँ,यही पैगाम हो जाए, फिदा कर दूँ वतन पर आज मेरा नाम हो जाए।   सुनो ये चाँद सा चेहरा जो  देखूँ शाम हो…

डीएम के आह्वान पर कई वर्षों बाद हुई सुरक्षा एजेंसियों के साथ हाई लेवल मीटिंग

देहरादून 10 मई, 2025 भारत-पाकिस्तान के बीच उत्पन्न मौजूदा परिस्थितियों के मद्देनजर सिविल और सुरक्षा एजेंसियों के मध्य बेहतर समन्वय बनाए रखने और सिविल सोसाइटी में दुर्भावनापूर्ण तरीके से गलत…

पूर्णिकांश – श्याम कुंवर भारती

बदला सिंदूर का – गरजा है रफाल पाक में बरसाकर बम दुश्मनो में कोहराम मचा दिया। लिया बदला सिंदूर कर सफाया आतंक स्वर्ण अक्षरों इतिहास रचा दिया। सलाम है भारत…

बुजुर्ग – रेखा मित्तल

मैं हँसूंगी नहीं, समझते मुझे तुम सब न पढ़ जाते हो मेरा मन मिलने का वक्त भी कुछ है कम एक दिन जब मेरा अस्तित्व हो जाएगा तब्दील एक राख…