मैन, मटिरियल, मशीनरी के अभाव में न हो रोग ग्रसित कोई भी जनमनःडीएम

देहरादून दिनांक 23 अप्रैल,2025 जिलाधिकारी सविन बंसल ने आज ऋषिपर्णा सभागार कलेक्टेªट में डेंगू एवं अन्य जल जनित बीमारियों की रोकथाम को लेकर जिलाधिकारी सविन बंसल ने ऋषिपर्णा सभागार में…

संवाद (समग्र दोहे) – कर्नल प्रवीण त्रिपाठी

जीवन में संवाद का, होता बड़ा महत्व। रिश्तों के आधार का, यही प्रमुख है तत्व।।१   संवादों के तंतु से, बुन लें चादर एक। इसे सहेजें कर जतन, करती काम…

इंसान की तरह – अनिरुद्ध कुमार

लगता यहाँ हर आदमीं अंजान की तरह, मतलब फरोशी हर घड़ी नादान की तरह।   सब फायदे के खेल में दौड़ें इधर उधर, दहशत मचीं चारो तरफ तूफान की तरह।…

कोई पानी डाल दे तो मैं भी चौंच भर पीलूं: चुपचाप मरते परिंदों की पुकार – प्रियंका सौरभ

Vivratidarpan.com – तेज़ होती गर्मी, घटते जलस्रोत और बढ़ती कंक्रीट संरचनाओं के कारण पक्षियों के लिए पानी और छांव जैसी बुनियादी ज़रूरतें भी दुर्लभ होती जा रही हैं। परिंदे हमारे…

सभासद डॉ. वाजिद मलिक ने फीता काटकर कैंप का किया उदघाटन

Vivratidarpan.com देवबंद – भायला रोड़ के निकट मानव सेवा ट्रस्ट द्वारा एक फ्री आई चैकअप कैंप का आयोजन किया गया कैंप में पहुंचे मरीज़ो को ट्रस्ट कि ओर से भोजन…

आखिर क्यों हुआ पहलगाम पर आतंकी हमला – मनोज कुमार अग्रवाल

Vivratidarpan.com – एक बार फिर जम्मू-कश्मीर में शांति स्थापित करने के सरकारी दावों को पलीता लगाते हुए पाकिस्तान समर्थित चरमपंथी आतंकियों ने 28 बेगुनाह पर्यटकों की हत्या को अंजाम देकर…

प्राणिक हीलिंग एवं आयुर्वेदिक चिकित्सा पर दो दिवसीय कार्यशाला का सफल समापन

वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय एवं निरामया योगम रिसर्च फाउंडेशन, हरिद्वार एवं उत्तराखंड आयुर्वेदिक कॉलेज ,देहरादून के सहयोग से आयोजित दो दिवसीय 11वीं कार्यशाला का आज सफल समापन…

ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों की स्थिति की रिर्पाेट प्रस्तुत करें अधिकारी

आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डे की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में चारधाम यात्रा, वनाग्नि, पेयजल, सड़क सुधारीकरण, सीएम हेल्प लाइन सहित अन्य विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई।…

धत्प गले – अनुराधा पाण्डेय

अभी हमारे पास न आओ… झूठा मूठा प्यार दिखा कर।   हमसे अच्छा जो मिल जाए , जाओ उसको गले लगाओ। रहने दो अब हमें अकेली , बातों में तुम…

सीखो गिलहरी-तोते से – डॉ सत्यवान सौरभ

पेड़ की डाली पर बैठे, गिलहरी और तोते। न जात पूछी, न मज़हब देखा, बस मिलकर चुग ली रोटियाँ छोटे।   न तर्क चले, न वाद हुआ, न मन में…