इन आँखों की मस्ती – सविता सिंह

तेरी आँखों से बचना है मुश्किल, तभी तो सब कहे तुझे कातिल। तेरी आँखों में इक समंदर है, डूब जाने कि कसम खाई है। तैरना भी हमें नहीं आता, और…

फूले का भारत – डॉ सत्यवान सौरभ

शूद्र अछूत कह जिन्हें, माना था लाचार। फूले ने दी सीख तो, खोला ज्ञान-द्वार॥   यज्ञ-जपों की आड़ में, होता रहा प्रपंच। फूले ने जब कहा ‘नहीं’, टूटा झूठा मंच॥…

राष्ट्रीय पुनरुत्थान की प्रेरणा देने वाला पर्व- वैशाखी – सुभाष आनन्द

 vivratidarpan.com – भारतवर्ष  मेलों और त्यौहारों का देश है। इनमें से कुछ का सम्बन्ध धर्म के साथ है तो कुछ का इतिहास के साथ और कुछ का सम्बन्ध मौसम के…

बंजारा बस्ती (कहानी) – जनक वैद

  vivratidarpan.com – हमारे उस छोटे से गाँव में सब मिलजुल कर रहते थे। अर्थात किसी को भी किसी से कोई शिकायत नहीं थी। एक दिन प्रातः सभी ने देखा…