दिवस बजरंग का, भावमय उमंग का,
भक्ति रस तरंग का, अहसास कीजिये।
पर्व यह मना रहे, ध्यान मन लगा रहे,
छवि हिय सदा रहे, आशीर्वाद दीजिये।
चालीसा का पाठ कर, हनुमान ध्यान धर,
राम नाम संग आप, जप कर लीजिये।
कृपा सदा बनी रहे, छत्रछाया तनी रहे,
भक्ति नित घनी रहे, कृपा रस पीजिये।
– कर्नल प्रवीण त्रिपाठी, नोएडा, उत्तर प्रदेश
