बन के दीवाना तेरा लिया तुमसे दिल लगाय।
ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय।
औघड़दानी शंकर महाज्ञानी हो जाओ शिव सहाय।
ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय।
जिसका कोई माता न पिता वो है जग का विधाता।
शिव का कोई आदि और न अंत तुझसे दुख दूर जो जाता।
डम डम डमरू स्वर दिग दिगंत है सुनाय।
ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय।
रूप है शिव बड़ा भयंकर स्वभाव महाप्रलयांकर ।
भूतों के नाथ भूतनाथ चले न कोई जादू मंतर।
श्मशानवासी शिव कैलाशी जटा गंगा बहाय।
ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय।
तू है शिव गुरु तुझसे जग शुरू तुझमें ही बिलय हो जाता ।
ग्रह गोचर नक्षत्र चले तेरे इशारे पल में है प्रलय हो जाता।
हे दया निधि करुणा निधान सिर चन्द्र है शोभाय।
ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय।
सब देव ऋषि दानव और मानव जपते हैं तुझको।
भूत बैताल पिशाच भालू बंदर सब रमते है तुझको।
कालों के काल महाकाल देवों के देव महादेव कहाय।
ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय।
– श्याम कुंवर भारती।, बोकारो, झारखंड
