हृदयांगन एवं जीवन्ती देवभूमि साहित्यिक व सामाजिक संस्था द्वारा 15 अगस्त को किया साहित्यिक आयोजन

 

vivratidarpan.com Deharadun-.स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर ‘हृदयांगन साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था’ और ‘जीवन्ती देवभूमि साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था’ के संयुक्त तत्वावधान में एक भावपूर्ण काव्य-संध्या “एक शाम वीरों के नाम” का भव्य आयोजन किया गया।

इस अवसर पर साहित्य-प्रेमियों एवं कवियों ने देशप्रेम, शहीदों की स्मृति और वीर सैनिकों के अदम्य साहस को अपनी कविताओं व गीतों के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. उषा झा ‘रेणु’ द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ, जिसने वातावरण को भक्ति और साहित्यिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया।

गोष्ठी की अध्यक्षता हृदयंगान की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विद्युत प्रभा चतुर्वेदी ‘मंजू’ ने किया। मुख्य अतिथि  विजय कुमार द्रोणी (डिप्टी कमिश्नर) रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ साहित्यकार शिव  मोहन सिंह, लक्ष्मी प्रसाद ‘दर्द गढ़वाली’ तथा श्रीमती महेश्वरी कनेरी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के प्रथम सत्र का संचालन “ जीवन्ती  देवभूमि साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था की संस्थापक अध्यक्ष श्रीमती कविता बिष्ट ‘नेह’ ने कुशलता से किया। द्वितीय सत्र का संचालन वरिष्ठ साहित्यकार श्रीमती मणि अग्रवाल ‘मणिका’ ने संभाला।

कविगण की सहभागिता ने कार्यक्रम में कवियों ने अपनी रचनाओं से समा बाँधा।

डॉ. विद्युत प्रभा चतुर्वेदी मंजू , श्रीमती कविता बिष्ट ‘नेह’, डॉ. उषा झा ‘रेणु’, डॉ.क्षमा कौशिक,श्रीमती मणि अग्रवाल ‘मणिका’, श्री जी.के. पिपिल, श्रीकांत श्री, विजय द्रोणी, श्रीमती नीरू गुप्ता ‘मोहिनी’,  शिव मोहन सिंह, श्रीमती संगीता वर्मानी ‘सांध्या’,  लक्ष्मी प्रसाद ‘दर्द गढ़वाली’, श्रीमती शोभा पाराशर, श्रीमती निशा अतुल्य, श्रीमती महेश्वरी कनेरी, श्रीमती स्वाति मौलश्री, शिव शंकर कुसवाहा, जसवीर सिंह ‘हलधर’ एवं सत्य प्रकाश ‘सत्य’। सभी कवियों ने देशभक्ति, वीरता, त्याग और बलिदान के विविध स्वरूपों को शब्दों में पिरोकर श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।

गोष्ठी को पूर्णता प्रदान की डॉ. विद्युत प्रभा चतुर्वेदी ‘मंजू’ ने किया। उन्होंने सभी आगंतुकों और प्रतिभागियों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम देशभक्ति की भावना और साहित्यिक सौंदर्य से परिपूर्ण रहा, जिसने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या को अविस्मरणीय बना दिया।

संस्थापक – हृदयांगन: डॉ. विधु भूषण त्रिवेदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष: डॉ. विद्युत प्रभा चतुर्वेदी ‘मंजू’

जीवन्ती देवभूमि साहित्यिक सामाजिक संस्था , संस्थापक अध्यक्ष: श्रीमती कविता बिष्ट ‘नेह’, स्थान: देहरादून, उत्तराखंड

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