सूरज की प्यारी किरण – डॉ. सत्यवान सौरभ

 

सुबह की पहली किरण आई,

खुशियों की बहार लाई।

पंछी बोले, फूल मुस्काए,

नन्हे बच्चे खेल में लगाए।

 

सूरज की गर्माहट में,

छुप-छुप कर सब खेले।

धूप की छांव में मस्ती करें,

हर दिन हो नई कहानी बनाएं।

 

आओ मिलकर दोस्त बनाएं,

सपनों की दुनिया सजाएं।

हँसी-खुशी से भर दें जहाँ,

हर बच्चा हो खुश और मस्ताना।

– डॉ. सत्यवान सौरभ, उब्बा भवन, आर्यनगर, हिसार (हरियाणा)-127045

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