कर्नल प्रवीण शंकर – हिन्दी के मूर्धन्य साहित्यकार आदरणीय विष्णु प्रभाकर की 113 वी जयंती के उपलक्ष्य में गाँधी हिंदुस्तानी साहित्य सभा “सन्निधि संगोष्ठी” के पावन सभागार में एक भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया जिसकी अध्यक्षता पद्मश्री अशोक चक्रधर ने की तथा सुविख्यात साहित्यकार डॉ सविता चड्ढा व सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता सुश्री वरुणा भंडारी ने अपनी गरिमामय उपस्थिति से मंच को समृद्ध किया। कार्यक्रम में देश के दूरदराज क्षेत्रों तथा विभिन्न राज्यों में साहित्य/कला के साधक एवं सामाजिक सेवा में संलग्न सात विभूतियों को सम्मानित किया गया।
इस कार्यक्रम के दौरान भारत सरकार के प्रकाशन विभाग द्वारा सद्य प्रकाशित मेरे यात्रा संस्मरण “कूर्ग : प्रकृति का वरदान” लोकार्पण भी हुआ। यह इस अकिंचन का सौभाग्य है कि इसके पूर्व मेरे छंदों पर आधारित गीतिका संग्रह “मनके छंदों के” का भी लोकार्पण सन्निधि संस्था के सौजन्य से हुआ था। मेरे यात्रा संस्मरण का लोकार्पण पद्मश्री अशोक चक्रधर जी तथा लब्ध प्रतिष्ठित साहित्य मनीषी डॉ सविता चड्ढा द्वारा ‘श्रध्येय विष्णु प्रभाकर जी’ की जयंती पर होना तथा वरिष्ठ साहित्यकारों से आशीर्वाद प्राप्त करना मन को प्रफुल्लित कर गया। इस हेतु मैं आ. अतुल प्रभाकर तथा सन्निधि संस्था का मन से धन्यवाद व शुभकामनाएं ज्ञापित करता हूँ। – कर्नल प्रवीण शंकर त्रिपाठी, नोएडा, उत्तर प्रदेश ने भेजा।
