सावन की यादें और अनुभव – सुनील गुप्ता

 

( 1 ) सावन की यादें

सावन की बातें,

कभी भूले न भुलाई जा ही सकें  !

वो अमवा की डारि पे पड़े झूले..,

और मंद फुहारों में झूलना याद है हमें !!

 

( 2 ) सावन की मस्ती

बारिश में कश्ती,

मन से वो यादें मिटाई न जा सकें !

वो छत पे जाकर भीगना बारिश में…,

और पानी फेंकते खेलना याद है हमें !!

 

( 3 ) सावन की पुरवाई

खाते मीठे मकई,

सौंधी महकती खूशबू बसी स्मृतियों में  !

वो छतरी पकड़कर नाचते रिमझिम में..,

और हर्षाए सरसाते चलना याद है हमें !!

– सुनील गुप्ता, जयपुर , राजस्थान |

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