सुखकर्ता प्रभु आप बन, जीवन रहे सँवार।
बन दुखहर्ता हर रहे, संकट कई हज़ार।।
कृपा दृष्टि जब आपकी, पाता घर परिवार।।
काम क्रोध मद नाश कर, रचें सुखी संसार।
दस दिन तक उत्सव चले, खुशी दिखे हर ओर।
गली – गली में गूँजता, जय बप्पा का शोर।।
दर्शन को आतुर सभी, जपते गणपति नाम।
सम्मुख आकर भक्ति से, करते उन्हें प्रणाम।।
– कर्नल प्रवीण त्रिपाठी, नोएडा, उत्तर प्रदेश
