( 1 ) लौटा शुभांशु
हुआ मिशन पूर्ण,
आनन खिला !!
( 2 ) हिंद की जय
ब्रह्माण्ड की विजय,
रहस्य खुला !!
( 3 ) सबके लिए
है गौरव का पल,
शुभांशु शुक्ला !!
( 4 ) रोमांचपूर्ण
अट्ठारह दिनों का,
ये सिलसिला !!
( 5 ) जय भारती
उतारते आरती,
श्रावण बेला !!
सुनील गुप्ता, जयपुर,
राजस्थान
