सुनाई दे रही है फिर से विश्व युद्ध की अब आहट मुझको।
ईरान और इजराइल जंग से हो रही अकुलाहट मुझको।
बंट रही है दुनिया देखो दो खेमे में यह संकेत सही नहीं है।
हो न जाए कही तीसरा विश्व युद्ध हो रही घबड़ाहट मुझको।
कोई लड़े न लड़े असर तो उस पर भी पड़ेगा युद्ध का बहुत।
सुनाई दे रही परमाणु बमो की अब बड़ी तड़तड़ाहट मुझको ।
प्यासे है दोनों एक दूसरे के खून के कोई रोकता क्यों नहीं।
मौन हैं रूस यूएस खल रही सबकी भिनभिनाहट मुझको।
ध्वस्त हो जाएंगे जल जंगल जमीन तेल और पानी दुनिया में।
भुखमरी बीमारी तबाही की भारती हो रही अकुलाहट मुझको।
– श्याम कुंवर भारती, बोकारो, झारखंड, Mob.9955509286
