जब से छोड़ गया मुझे तू याद बहुत आता है।
करके तन्हा मुझे दिन रात बड़ा तू रुलाता है।
फैली है हर तरफ खुशबू तेरी हवाओ में।
हर पल नजर आता है तू मुझे यहां फिजाओं में।
भूलकर भी नहीं तू पास मुझे बुलाता है।
करके तन्हा मुझे …………..।
कैसे भूल जाऊं तुझे निशानियां तेरी तड़पाती है।
गुजरा हर लम्हा सारी नादानियां तेरी याद आती हैं।
दिल की बात ये आशिक दीवारों दर को सुनाता है।
कर के तन्हा मुझे …………….,।
चैन छीन लिया तूने अब जान भी मेरी ले लो।
नींद रातों की हराम शकुन शाम भी मेरी ले लो।
मेरे बगैर कहो कैसे तुम खुश रह पाता है।
कर के तन्हा मुझे……………।
जल रहा है दिल मेरा यहाँ भींगी बरसात में ।
झर झर झरते है आंखों आंसू बहुत तेरी याद में।
तेरे इंतजार में यार मेरे भारती जिंदा रह जाता है।
कर के तन्हा मुझे दिन रात बड़ा तू रुलाता है।
– श्याम कुंवर भारती, बोकारो ,झारखंड, मॉब.9955509286
