राधे का कान्हा
मन जीवन को साधे !
बोलते राधा-राधा…,
बसें श्याम, मन भावे !!1!!
योगेशं वसुदेवसुतं
कृपासिंधु राधे-राधे !
देवकी परमानंदं….,
मुरलीधर, कान्हा मोरे !!2!!
तन मन बोले
राधे जय श्री राधे !
संग बांसुरी तन डोले…,
नाचें कान्हा, संग राधे !!3!!
साँझ ढले, गैया लौटें
झूमते ग्वाले, बोलें राधे !
हर्षाए चले, कान्हा बोलें…,
प्रेम से बोलें, जय श्रीराधे !!4!!
चले वृन्दावन, पुकारे
गली-गली, राधे-राधे !
मधुर मुरलिया तानें सुनते…,
बाधाएं पार कराएं, जय श्रीराधे !!5!!
– सुनील गुप्ता (सुनीलानंद), जयपुर, राजस्थान
