ये सावन का प्यारा महिना ,
राखी के त्यौहार का महिना,
स्नेह ,प्रेम ,विश्वास का महिना,
धरती पर हरियाली का महिना।
राखी के शुभ त्यौहार पर,
बहिना भाई को आसन पर बिठाती,
टीका करती , मिठाई खिलाती,
कलाई पर सुंदर राखी बांधती।
बच्चे मां बाप के आंखों के तारे,
बच्चे हो दोनों को अति प्यारे
बहिना की रक्षा भाई करता है,
भाई बहिना को रक्षा का बचन देता।
विश्वास, स्नेह राखी के धागे में,
बहिना की राखी में अटूट बंधन है
सरस, प्रेम , त्याग ,में ये बंधे हुए हैं,
राखी का त्यौहार अति पावन।
– कालिका प्रसाद सेमवाल
मानस सदन अपर बाजार
रुद्रप्रयाग उत्तराखंड
