रंग-बिरंगे सपनों की उड़ान,
हँसते-खिलखिलाते बचपन का गान।
छोटी-छोटी मुस्कान, नन्हें-नन्हें पंख,
आसमान छूने की बस एक छोटी सी चाह।
चिड़िया सी फुर्ती, तितली सा रंग,
हर रोज़ नया सीखें, मस्ती से संग।
मिट्टी की खुशबू, बरसात का गीत,
बचपन की महक, सबसे है अनमोल मीत।
कभी बादलों पर, कभी तारे छू लें,
कभी धूप संग खेलें, कभी बारिश में झूलें।
छोटे कदमों से दुनिया नापेंगे,
हौसले की चिड़िया, सपनों से उड़ेंगे।
– डॉo सत्यवान सौरभ 333, परी वाटिका,
कौशल्या भवन, बड़वा (सिवानी) भिवानी,
हरियाणा – 127045, मोबाइल :9466526148,
