अब ना कोई याद करें,
सोचें पल बरबाद करें.
ख्यालों में मूरत तेरी,
दिल में हीं संवाद करें।
याद दर्द आबाद करें,
हर पल हीं बेताब करें।
ऐसे जीना क्या जीना,
सोंचें किससे बात करें।
बोलों क्या तकरार करें,
जीना मरना यार करें।
यादों से हीं प्यार करें,
ये जीवन साकार करें।
– अनिरुद्ध कुमार सिंह
धनबाद, झारखंड
