मौन अहंकार नहीं – सुनील गुप्ता

( 1 ) मौन

कदापि अहंकार नहीं,

है स्वयं से स्वयं को, जानना यहीं  !!

 

( 2 ) मौन

मन साधना यद्यपि,

रहते ‘स्व’, में  बनाते ‘प्र’ भाव से दूरी !!

 

( 3 ) मौन

प्रभु की आराधना,

प्रकटें साक्षात् , मन अंतस में परमात्मा !!

 

( 4 ) मौन

सफलता की कुँजी,

चले खोलते बंद दरवाजे, दे सुकून शांति !!

 

( 5 ) मौन

अंतस का आनंद,

करदे रोशन तन-मन, उपवन कानन !!

– सुनील गुप्ता (सुनीलानंद), जयपुर, राजस्थान

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